1. 7 जुलाई 2021 को प्रातः 11:52 पर बुध ग्रह मृगशिरा नक्षत्र में मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे और सूर्य के साथ युति होकर गोचर करेगें।बुध मिथुन राशि के स्वामी हैं।मृगशिरा नक्षत्र का स्वामी मंगल ग्रह है। गोचर में राशि एवं नक्षत्र के स्वामी के प्रभाव अधिक दिखाई देगा।मिथुन राशि वह स्थान जहाँ पर संगीतकार,कलाकार,वेश्याएं रहती हैं।शयनकक्ष,आनन्द लेने का स्थान, ग्रामीण क्षेत्रों, द्विपाद,पश्चिम दिशा, मिश्रित प्रकृति , कर्मचारी वर्ग ,वायु तत्व ,बुध यदि शुभ ग्रहों से युति करता है तो शुभ फल प्राप्त होते हैं।जब अशुभ या पाप ग्रहों युति करते हैं उसके अनुरूप फल प्राप्त होते है।बुध ग्रह बुद्धिमता,वाक्पटुता,मन्दिर, व्यापार और वाणिज्य, सलाहकार,पत्रकारिता, दूरसंचार, कंप्यूटर की सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग,हस्तकला,वाणी, काला जादू,वेद पुराण, हाजिर-जबाबी,चालाक, मामा ,मौसी ,हरे रंग,गणितज्ञ, ज्योतिषी आदि। बुध द्वारा शासित वस्तु हरा धनिया,हरा चारा,हरा चना, पन्ना, सीसा, तिलहन, खाद्य तेल,पीतल, सिक्के का एलॉय आदि ।
शनि- नीच का मंगल का समसप्तक योग का बना रहे हैं।सीमाप्रान्तों जैसे चीन, नेपाल,पाकिस्तान,जम्मू कश्मीर की सीमाओं विशेष रूप अशान्ति दिखाई देगी।मिथुनराशि में सूर्य-बुध के ऊपर राहु और नीच के मंगल की दृष्टि होने से देश के नेतृत्व को चिंताग्रस्त होंगे।वायुयान दुर्घटना,भूकंप, तूफान का संकेत मिलेगा।
2. 16 जुलाई 2021 को 13:30 सूर्य,बृहस्पति के पुनर्वसु नक्षत्र में स्थित कर्क राशि मे प्रवेश करेंगे और शुक्र एवं नीच मंगल के साथ युति में होंगे।शनि-सूर्य-शुक्र-नीच का मंगल समसप्तक योग का निर्माण कर रहे। कर्क राशि के स्वामी चन्द्रमा हैं। शुक्र एवं मंगल दोनों ग्रह बुध के नक्षत्र में स्थित हैं।देश मे अशान्ति उत्पन्न होगी।मंगल ग्रह की नीच की राशि गोचर है।बरसात का कम और अधिक होने से कई स्थानों अधिक की कारण फसलों में बर्बाद हो जाएगी।कई स्थानों वर्षा की कमी की वजह से अन्न उत्पादन में कमी आएगी।लोगों महंगाई की वजह से परेशान हो जाएंगे।आर्थिकस्थिति कमजोर होगी। कई राज्यों में साम्प्रदायिक दंगों ,प्राकृतिक आपदाओं,भूकम्प,बाढ़,आंधी,तूफान, उग्रवादी घटनाओं,सीमाओँ क्षेत्रों में अशान्ति देखने को मिलेगी।
कर्क राशि उत्तरदिशा,चर राशि,जल राशि ,शुक्र उत्तर-पूर्व, सूर्य अग्नि प्रकृति,पत्ति प्रकृति,सूर्य आत्मा,शक्ति,अधिकार,पैतृक सम्पत्ति, रक्तसंचार, दण्डअधिकारी, शासक,प्रशासनिक, निर्माता, चौथा स्थान यानि कि घर,भूमि ,शल्यचिकित्सा, अग्नि,तीव्र कामवृत्ति, घर से बाहर नाजायज रिश्ते, सत्ता पक्ष के द्वारा भूमि अधिग्रहणकानून का लाना और मंगल के कारण निरस्त होना, कसाई,इन्द्रिय सुख केलिए व्यभिचार,प्रेम सम्बन्ध स्थापित करना, मादकपदार्थों का क्रय विक्रय अधिक होना,न्यायालय में उचित फैसले नहीं होना, व्यर्थ सजा मिलनी,भोगविलास की अधिकता, दैनिकजीवनउपयोगी वस्तुओं की मूल्य वृद्धि, गेहूं, खण्डसारी,ताम्बे के भाव वृद्धि,दालों,तेल,घी,गुड़,चावल,चीनी,सुगन्धित ,शराब, के मूल्यों अचानक से वृद्धिहोगी।देश मे अशान्ति उत्पन्न होगी।मंगल ग्रह की नीच की राशि गोचर है।बरसात का कम और अधिक होने से कई स्थानों अधिक की कारण फसलों में बर्बाद हो जाएगी।कई स्थानों वर्षा की कमी की वजह से अन्न उत्पादन में कमी आएगी।लोगों महंगाई की वजह से परेशान हो जाएंगे।आर्थिकस्थिति कमजोर होगी। कई राज्यों में साम्प्रदायिक दंगों ,प्राकृतिक आपदाओं,भूकम्प,बाढ़,आंधी,तूफान, उग्रवादी घटनाओं,सीमाओँ क्षेत्रों में अशान्ति देखने को मिलेगी।
https://knowtransit.blogspot.com/2021/04/on-july-16-2021-at-1330-sun-will.html
3. 17 जुलाई 2021 को प्रातः काल 07:47 शुक्र ग्रह ,केतु नक्षत्र मघा स्थित सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।सिंह राशि एक स्थिर,विषम,अग्नि तत्त्व, सूर्य राशि के स्वामी है। घने वनों के इलाके,पर्वत,और पहाड़ियों,किले में निवास स्थान होता है।शुक्र ग्रह कारक है:- पत्नी,विवाह,सैक्स सम्बंधित,शुक्र ग्रह वृषभ, तुला राशि के स्वामी, प्रजजन अंग,ऐन्द्रीय आनन्द,पति के ,खरीदना-बेचने,सफेद वस्तुओं,प्रेम सम्बन्धों, व्यभिचार,तीव्र इच्छा,रसीले पदार्थों, नोसेन,रेलवे, यौनव्यापार,उद्योग,आभूषण आदि कारक हैं।
सूर्य-मंगल-शनि वक्री का समसप्तक योग का निर्माण कर रहे हैं।राहु की दृष्टि शनि के ऊपर है।देश मे अशान्ति उत्पन्न होगी।मंगल ग्रह की नीच की राशि गोचर है।बरसात का कम और अधिक होने से कई स्थानों अधिक की कारण फसलों में बर्बाद हो जाएगी।कई स्थानों वर्षा की कमी की वजह से अन्न उत्पादन में कमी आएगी।लोगों महंगाई की वजह से परेशान हो जाएंगे।आर्थिकस्थिति कमजोर होगी। कई राज्यों में साम्प्रदायिक दंगों ,प्राकृतिक आपदाओं,भूकम्प,बाढ़,आंधी,तूफान, उग्रवादी घटनाओं,सीमाओँ क्षेत्रों में अशान्ति देखने को मिलेगी।
https://knowtransit.blogspot.com/2021/04/on-july-17-2021-venus-will-be-transit.html
4. 20 जुलाई 2021 को प्रातः काल 15:53 मंगल ग्रह ,केतु नक्षत्र मघा स्थित सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।मंगल-शनि वक्री का षडाष्टक योग का निर्माण कर रहे हैं। ग्रह स्थिति इस बारे संकेत कर रही हैं कि अचानक आँधी,तूफान,बरसात और भूकंप, कई स्थानों कम बरसात की वजह से फसलों की बुवाई में समस्या,पानी कमी फसलों नष्ट हो जा हो जाएगी। अग्निकांड,उपद्रव,जनता में भारी रोष व्याप्त होगा।भष्टाचार, विलक्षण प्रतिभा,आर्थिक संकट,घटनाओं अचानकसे घटित होगी।रक्तपात, सीमाओँ क्षेत्रों में सीमतिक्रमन से अशान्ति व्याप्त रहेगी। वायुयान दुर्घटना,उग्रवादी घटनाओं, प्राकृतिक आपदाओं होगी।
सिंह राशि एक स्थिर,विषम,अग्नि तत्त्व, सूर्य राशि के स्वामी है। घने वनों के इलाके,पर्वत,और पहाड़ियों,किले में निवास स्थान होता है।मंगल ग्रह कारक है:- शक्ति,बल,पराक्रम, रक्त,मांसपेशियों, अचल संपत्ति,भूमि,अग्नि,छोटे भाई-बहनों, सौतली मां,दुर्घटना, शल्यचिकित्सा, युद्धमें उपयोग आने वाली सामग्री, धातुका व्यापार,यांत्रिक,पुलिस,सेना,चिकित्सा,कारावास,रसायन शास्त्र आदि ।पंचम भाव :- संतान,बुद्धिमता,गर्भधारण,अच्छे सिद्धान्त, इश्कबाजी,प्रेम सम्बन्धों, बलात्कार,अपहरण, स्मरणशक्ति, यौनानन्द, दूर दृष्टि , मासिक चक्र, बांझपन,गर्भपात, गर्भाशय संबंधी बीमारी, नपुंसकता आदि। जब शुक्र और मंगल एक साथ गोचर कर रहे हो ,मनुष्य रोमांटिक, अपने आपको उम्र से छोटा सा होकर जीवन व्यतीत करने लग जाता हैं। उसके घरबार का ज्ञान भी रहता है। मनुष्य एक कवि,संगीतज्ञ, कामेच्छाओं के प्रति अति होना।
https://knowtransit.blogspot.com/2021/04/on-july-20-2021-mars-will-transit-in.html
गण्डमूल नक्षत्र मास जुलाई 2021
प्रारम्भ तिथि | नक्षत्र | समय | समाप्त तिथि |
2 -7 -2021 | रेवती | 03 -50से 06 -13 | 3 -7 -2021 |
3 -7 -2021 | अश्विनी | 06-14 से 09 -05 | 4 -7-2021 |
12 -7 -2021 | आश्लेषा | 02 -20 से 03-13 | 13-7-2021 |
13 -7-2021 | मघा | 03-14 से 03-39 | 14 -7-2021 |
20 -7 -2021 | ज्येष्ठा | 20-32 से18-29 | 21-7-2021 |
21-7-2021 | मूला | 18-30 से 16-25 | 22-7-2021 |
29-7-2021 | रेवती | 12-05 से 14-05 | 30-7-2021 |
30-7-2021 | अश्विनी | 14-06 से 16-39 | 31-7-2021 |
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पंचक नक्षत्र जुलाई महीने 2021
प्रारम्भ की तिथि | समय | नक्षत्र का नाम | समाप्ति की तिथि | समय |
30-6-2021/ 01:07-2021 | 02:05 | उत्तरभाद्रपद | 01-07-2021 | 16:12 |
01-07 -2021 | 16:13 | रेवती
| 03-07-2021 | 06:13 |
25-07-2021 | 11:20 | धनिष्ठा | 26 -07 -2021 | 10:29 |
26-07-2021 | 10:30 | शतभिषा
| 27-07-2021 | 10:17 |
27-07-2021 | 10:18 | पूर्वभादपद्र | 28-07-2021 | 10:48 |
28-7-2021 | 10:49 | उत्तरभाद्रपद | 29-7-2021 | 12:05 |
29 -7 -2021 | 12 :06 | रेवती | 30-7-2021 | 14:05 |
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