पंचक नक्षत्र मास मार्च 2021
12 मार्च 2021 बुध ग्रह भारतीय मानक समय 12:30 मिनट पर कुम्भ राशि में गोचर करेगें।बुध ग्रह धनिष्ठा के तीसरे चरण में स्थित है। धनिष्ठानक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह है।सूर्य-शुक्र-चंद्र-बुध की युति कुम्भस्थ है। राहु -मंगल की युति वृषभराशि मे है। वृश्चिक राशि वालो के लिए कठिन परिस्थितियों को लेकर आ रहा है।कई स्थानों सम्प्रदाय उपद्रव से अशान्ति होगी।सत्ता परिवर्तन के योग भी है।
14 मार्च 2021 भारतीय मानक समय सांय काल 6 बजे 02 मिनट पर सूर्य मीन राशि मे गोचर करेगें।सूर्य इस दौरान पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में स्थित हैं।पूर्वाभाद्रपद के स्वामी बृहस्पति है।बृहस्पति-शनि मकरस्थ सूर्य-चन्द्र पर दृष्टि कर रहे हैं किसी विशेष व्यक्ति का पद रिक्त होगा।मंगल-राहु वृषभस्थ शुक्र-बुध बारहवे घर स्थित ,जिससे तुला, वृश्चिक, मकर राशि और लगन वालो जातको को समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।वायुयान दुर्घटना,ग्लेशियर,भूकंप और उग्रवादी उपद्रव होंगे। सोने,चांदी,घी और शक्कर के दामों में वृद्धिहोगी। सूर्य -चंद्र दोनों मीन राशि मे स्थित है।जिससे जातको को अपमानित,टांगो में दुर्घटना, त्वचा बीमारी, पेट मे समस्या, बुखार,आखों में एलर्जी, मुकदमे,आपराधिकमामलों, सरकार और मित्रों से विरोध जैसी समस्याओं आ सकती हैं।
17 मार्च 2021 को शुक्र भारतीय मानक समय सुबह 1 बजकर 54 मिनट पर पूर्वाभाद्र नक्षत्र में स्थित मीन राशि मे प्रवेश करेंगे।शुक्र इस दौरान सूर्य से युति में होंगे और शुक्र अस्त अवस्था मे होंगे।शनि की सूर्य और शुक्र को दृष्टि कर रहे हैं। सूर्य -शुक्र कन्या राशि को देखेंगे।बुध ग्रह बारहवेंभाव मे स्थित हैं और ग्रह स्थिति के कारण चीन,जम्मूकश्मीर ,राजस्थान और असम में सीमाओं क्षेत्रों में युद्ध की स्थिति बनी रहेगी। दुर्भिक्ष स्थिति बनेगी। शुक्र जल राशि में विपरीतलिंग से सम्बंध बने। व्यर्थ के खर्चे, सोना, बिस्तर का सुख, उच्च पद प्राप्त होता है।वाहन का विक्रय,अपनी पत्नी ख्याल रखना, धन लाभ प्राप्त ,गरीबों के ऊपर धन खर्च करना ।शुक्र का गोचर जन्म चन्द्र से पहले,दूसरे,तीसरे,चौथे,पाँचवे,आठवें,नवम ,गयारह और बारहवें स्थान शुभ फल देते हैं यदि आठवें,सातवें,पहले,दशम,नवम,पांचवे, ग्यारहवें,छठें और तीसरे स्थानपर कोई ग्रह स्थित न हो।शुक्र एक राशि मे एक महीने तक गोचर करता है।शुक्र हमारे जीवन में आकर्षण,प्यार,मनोभाव, गहन ज्ञान,ध्यान, मित्रता, पार्टी, सामाजिक समारोह, मनोरंजन, खुशियां, कला, नये सम्बंध, दाम्पत्य सुख का प्रतिनिधित्व करते हैं।
प्रारम्भ की तिथि | समय | नक्षत्र का नाम | समाप्ति की तिथि | समय |
10:03-2021 | 09:22 | धनिष्ठा | 11-03-2021 | 21:47 |
11-03 -2021 | 21:48 | शतभिषा | 12-03-2021 | 22:53 |
12-03-2021 | 22:54 | पूर्वभाद्रपद | 13-03-2021 | 00:23 |
13 -03-2021 | 00:24 | उत्तरभाद्र पद
| 15-03-2021 | 02:20 |
15-03-2021 | 02:21 | रेवती | 16-03-2021 | 04:43 |
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गण्ड मूल नक्षत्र मार्च 2021
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प्रारम्भ की तिथि
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समय
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नक्षत्र का नाम
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समाप्ति की तिथि
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समय
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05-03-2021
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22:39
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ज्येष्ठा
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06-03-2021
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21:40
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06-03
-2021
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21:41
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मूल
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7-3 -2021
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21:09
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15-03-2021
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02 :21
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रेवती
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16 -03 -2021
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04:43
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16-03-2021
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04:44
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अश्विनी
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17-3 -2021
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07:30
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24
-03 -2021
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23:07
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अश्लेषा
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25-3-2021
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22 :43
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25
-03 -2021
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22 :44
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मघा
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26-3-2021
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21:34
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