Saturday, July 31, 2021

अगस्त महीने 2021 में ज्योतिषीय रूप से महत्वपूर्ण घटनाएं


    1            9 अगस्त 2021 को बुध ग्रह सूर्य की राशि सिंह में गोचर करेंगे 

 9 अगस्त 2021 को बुध ग्रह सूर्य की राशि सिंह में गोचर करेंगे और मंगल उस राशि में पहले से विद्यामान है | बुध और मंगल दोनों ही मघा नक्षत्र में स्थित है , मघा नक्षत्र का स्वामित्व केतु ग्रह के पास है | इस गोचर के समय में सूर्य ,मंगल ,बुध और केतु के प्रभाव दिखाई देंगे | बुध इस में वक्री गति से भ्रमण करेगें। बुध मिथुन और कन्या राशि के स्वामी हैं।कन्या राशि मे उच्चतम और मीन राशि मे नीच हो जाते है।

                  मंगल-शुक्र-बुध पंचम स्थान,सूर्य-चन्द्रमा चौथे स्थान,बृहस्पति की दृष्टि हैं सूर्य के ऊपर किस कारण देश में विभिन्न प्रकार रोग,शनि-मंगल का षडाष्टक योग सम्प्रदाय घटनाओं,सीमा क्षेत्रों में अशान्ति ,अग्नि,वायु,तूफान,भूकंप घटनाओं घटित होगी।

 बुध बुद्विमता, शिक्षा, मित्रों, व्यवसाय और वाणिज्य, गणित, अनुसंधान, लेखन, लेखक, प्रकाशन, लेखा जोखा, काला जादू, वेदपुरान, दूरसंचार कंपनियों, न्याय, न्यायालय, यातायात, ज्योतिष, मनोवैज्ञानिक ,मनोरंजन,पत्रकार, पत्रकारिता, पुस्तक भण्डार, विज्ञापन, लेखन, लेखापाल,जब बुध जन्म के चन्द्रमा से पंचम भाव में गोचर करता है तो अशुभ फल देता है। यह पुत्र के साथ खराब संबंध, मंदबुद्धि, अपशकुन, धन और पद की हानि, उत्तेजित मन और मानसिक स्वास्थ्य, शरीर और हृदय को कष्ट, कलंक, पत्नी से झगड़ा, आर्थिक कठिनाइयों का सामना करने वाले, में प्रवेश करता है। विवाहेतर संबंधों में परेशानी, आलस्य, महत्वपूर्ण कार्यों का स्थगित होना, मामा को बीमारी, उद्देश्यहीन उपक्रम आदि।

https://knowtransit.blogspot.com/2021/05/on-august-9-2021-mercury-will-transit.html

    2    शुक्र ग्रह 11 अगस्त 2021 को  कन्या राशि मे गोचर करेगे

शुक्र ग्रह 11 अगस्त 2021 को 11 बजकर 38 मिनट पर कन्या राशि मे गोचर करेगे।शुक्र ग्रह उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में स्थित हैं,इस नक्षत्र के स्वामी सूर्य हैं।राशि के स्वामी बुध ग्रह है,बुध अपनी नीच राशि मे गोचर करेगें। शुक्र वृषभ और तुला राशि के स्वामी हैं।सूर्य -शनि का समसप्तक योग बना रहे है।जिसके कारण देश में कई तरह रोग फैले गे जिससे जनता परेशान होगी ।कई राज्यों में साम्प्रदायिक हिंसा, सीमा क्षेत्रों में अशांति फैलाने, वातावरण आगजनी,वायु,तूफान,प्राकृतिक आपदा, भूकम्पचट्टानों खिसकने,वायुयान दुर्घटना,भूस्खलन, उग्रवादी घटनाओं घटित होने की संभावना है।शुक्र के ऊपर शनि- राहु दृष्टि कर रहे है।शुक्र कला,सौन्दर्य, कामेच्छा, पत्नी,विवाह,वैवाहिक सुख और सम्बन्धों, वाहन सुख,आरामदेह,जल स्थानों,इन्द्रियों सुख, चाँदी,सुगंधित तेलों, मोती, अच्छे वस्त्र, संगीत और गानों,स्वप्न, शुक्र के सम्बंधित वस्तुओं जैसे सिनेमाघर,मनोरंजन,नृत्यों,वाहन विक्रेता,कलाकृतियों,भवनों के निर्माण,आयकर, रेवेन्यू टैक्स, सभाओं,समारोहों,डायमंड, धन,लक्ष्मी,दक्षिण-पूर्व दिशा का प्रतिनिधित्व करता है।छठा स्थान कन्या राशि, रोग,ऋण,दुश्मन,बीमारियों,दुर्घटना,स्कैंडल, मानसिकतनाव,लकड़ी,टिम्बर,पत्थर,औजार,हॉस्पिटल में प्रयोग यन्त्र, कठोर आदेश,खेती बाड़ी करने के स्थान,मनोरंजन स्थान,जनसभाओं, शादियों समारोह,जेल ,विदेशी यात्राएं,

               https://knowtransit.blogspot.com/2021/05/on-august-11-2021-venus-transit-in.html

     3                     16 अगस्त 2021 को  सूर्य    सिंह राशि में प्रवेश करेंगे 

    16 अगस्त 2021 को भारतीय मानक तय समय 21:57 मिनट पर चन्द्र मास भाद्रपद  महीने कृष्ण पक्ष  नवमी तिथि संक्रांति सूर्य मघा नक्षत्र में स्थित सिंह राशि में प्रवेश करेंगे और बुध-मंगल के साथ युति करेंगे।बृहस्पति की दृष्टि हैं।नीच चन्द्र के साथ राहु के साथ समसप्तक योग बना रहे है। जनता विविधप्रकार रोगों से परेशानीऔर अनावृष्टि में कुछ प्रांतों में दुर्भिक्ष ग्रस्त रहे।कुछ राज्यों में भंयकर वर्षा से बाढ़ से भयानक स्थिति दिखाई देगी।शनि -मंगल का  6/8 स्थिति बना रहे हैं सीमाओँ क्षेत्रों में भंयकर हालात बनेंगे।आर्थिकस्थिति कमजोर होगी और साम्प्रदायिक हिंसा का संकेत बन गई है।

सूर्य हमारे ब्रह्मांड का सबसे बड़ा ग्रह हैं,जो अपने प्रकाश सारी दुनिया को प्रकाशित करते हैं।सूर्य अग्नितत्व ,अग्नि प्रकृति,क्रूर ग्रह,पुरुषवत, शक्ति प्रदायक,राजसी,दार्शनिक प्रकृति,दृढ़ इच्छाशक्ति,प्राधिकार और पद का प्रतीक, कृषिक्षेत्र के उत्पादन,बीज बोने की क्रिया,विकसन कर्ता करने वाली शक्ति सूर्य ही प्रदान करते है। हमारे ब्रह्माण्ड की आत्मा हैं।विष,औषधियों,चिकित्सक,राजा वर्ग, मनुष्य की आत्मा, रोगों से बचाने की शक्ति प्रदान करते है। सूर्य के द्वारा शासित स्थान है,खाली स्थान,पर्वत क्षेत्र,वन,प्रमुख शहरों,न्यायालय,समुद्र,पूजा स्थल,जन समूह,वो इलाका जिस स्थान जल उपलब्ध नहीं हो
,मनुष्य शरीर के अंगों जो सूर्य के द्वारा शासित है जैसे सिर,पेट,हड्डियां,दिल,धमनियां,रक्त -संचार,नेत्र,मस्तिष्क,कण्ठ,तिल्ली,टिशू बल आदि ।सूर्य जिन रोगों का कारण बनता है वे है रक्तचाप,अधिक बुखार,नेत्र सम्बंधित रोग,गले,में,कंठ,की बीमारियों के कारण  है। सूर्य प्रतिकूल प्रभाव हो तो क्षय रोग,पेचिश रोग के कारण  भी बन जाते है।

                https://knowtransit.blogspot.com/2021/05/on-august-16-2021-sun-transit-in-leo.html

            मंगल ग्रह 17 अगस्त 2021 को सूर्य की राशि सिंह में गोचर करेंगे,

          मंगल ग्रह 17 अगस्त 2021 को भारतीय मानक समय 08:35 मिनट पर सूर्य की राशि सिंह में गोचर करेंगे, मंगल पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में स्थित है।मंगल का गोचर 5 सितम्बर 2021 तक रहेगा। मंगल 3रे, 5वे और 9 वें घर में शुभ फल देते है, दूसरे घरों में अच्छा फल प्राप्त नहीं होता हैं।मंगल ग्रह अपने मित्र की राशि मे गोचर हैं अग्नितत्व और अग्नि तत्व राशि मे, मंगल क्रूर ग्रह है। हमारे शरीर मे शक्ति,रक्तसंचार का प्रतिनिधित्व करते है युद्ध, आगजनी,मानसिकस्वास्थ्य, चीरफाड़,मेकेनिकल ,चिकित्सा,उग्रवादी,अचानक से मृत्यु,महिलाओं में मासिकधर्मचक्र, गणित,दुर्घटना,मासपेशियों, कामेच्छा,पराए स्त्रीयो योवन सम्बन्धी, गर्भपात,चेचक, पेट मे गड़बड़ी, मूत्राशय के रोग, लड़ाईझगड़ा, पुलिस,सेना,रक्तचाप, महिलाओं में बाँझपन,मासिकधर्म मे अवरोध,मासिकधर्म अधिकमात्रा होना कारक ग्रहहै।

               ग्रह स्थिति कि भूकंप, आग की घटना, सीमावर्ती क्षेत्रों में परेशानी और सांप्रदायिक घटनाएं होंगी। भारत, पाकिस्तान, नेपाल, अफगानिस्तान और बांग्लादेश। सितंबर और अक्टूबर में बृहस्पति-शनि मकर राशि में वक्री होंगे जिससे भूकंप, तूफान, उग्र घटनाएं घटेंगी। फसल नष्ट। ग्लोबल वार्मिंग की स्थिति में भूस्खलन, हिमाचल प्रदेश, कश्मीर, उत्तराखंड, दार्जिलिंग में बर्फबारी होगी। राजनेता से जनता परेशान होगी।

           https://knowtransit.blogspot.com/2021/05/on-august-17-2021-mars-is-going-to-be.html

      4.  गण्डमूल नक्षत्र मास अगस्त 2021

 प्रारम्भ तिथि 

 नक्षत्र 

 समय 

 समाप्त तिथि 

 8-8-2021 

 आश्लेषा

 09 -16से 09 -47  

 9-8-2021 

 9 -8-2021 

 मघा

 09-48से 09 -50

 10-8-2021 

 17 -8-2021 

 ज्येष्ठा

 03 -01 से 01-35   

 18-8-2021 

 18-8-2021 

 मूला

 01-35 से 00-07

 19 -8-2021 

25-8-2021

रेवती

20-52 से22-32

26-8-2021 


                          

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5. पंचक नक्षत्र मास अगस्त 2021              

21-2-2021

धनिष्ठा

07-58

19-42

22:8:2021

22-8-2021

शतभिषा

19:43

19:30

23-8-2021 

23-8-2021

पूर्वभाद्रपद

19:31

19:51

24-8-2021

24-8-2021

उत्तराभाद्रपद

19:52

20:52

25-8-2021

25-8-2021

रेवती

20:53

22:32

26-8-2021


          https://panchaangastro.blogspot.com/2019/07/blog-post_14.html

                    बुध ग्रह  कन्या राशि मे गोचर करेगा
बुध ग्रह 12 बजकर 08 मिनट पर कन्या राशि मे गोचर करेगा और बुध उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में स्थित है और इस नक्षत्र के स्वामी सूर्य हैं। बुध कन्या राशि के स्वामी हैं और कन्या राशि के शुक्र ग्रह स्थित हैं।शुक्र अपनी नीच राशि मे गोचर में है। सूर्य -मंगल को बृहस्पति दृष्टि कर रहें है,शनि -मंगल 6/8 स्थिति में है।राहु शनि को दृष्टि कर रहें है, बृहस्पति-शनि दोनों ही वक्री स्थिति में गोचर कर रहें है। ग्रहों की स्थिति यह बताते हैं कि पाकिस्तान,बांग्लादेश,नेपाल और अफगानिस्तान में प्राकृतिक प्रकोप से जनता को परेशानी और धन हानि के संकेत मिल रहे है। भारतवर्ष में आगजनी,अग्निकांड,रक्तपात,उग्रवाद,सम्प्रदायिक उपद्रव, भूकम्प,भूखलन ,तूफान,बाढ़,अधिक वर्षा से फसलों को हानि, विभिन्न प्रकार की बीमारियों का  दिखाई दे रहा है बुध ग्रह ब्राह्मण्ड के सबसे छोटे ग्रह है। हमेशा सूर्य के समीप दिखाई देते है।छठा स्थान कन्या राशि, रोग,ऋण,दुश्मन,बीमारियों,दुर्घटना,स्कैंडल, मानसिकतनाव,लकड़ी,टिम्बर,पत्थर,औजार,हॉस्पिटल में प्रयोग यन्त्र, कठोर आदेश,खेती बाड़ी करने के स्थान,मनोरंजन स्थान,जनसभाओं, शादियों समारोह,जेल ,विदेशी यात्राएं,छठा स्थान कन्या राशि, रोग,ऋण,दुश्मन,बीमारियों,दुर्घटना,स्कैंडल, मानसिकतनाव,लकड़ी,टिम्बर,पत्थर,औजार,हॉस्पिटल में प्रयोग यन्त्र, कठोर आदेश,खेती बाड़ी करने के स्थान,मनोरंजन स्थान,जनसभाओं, शादियों समारोह,जेल ,विदेशी यात्राएं,बुध शिक्षा,बुद्विमता,वाणिज्य और व्यापार,गणित,शिक्षण,लेखा जोखा,कालाजादू,कानून,यातायात वाहन, लेखन सामग्री,लेखन,पत्रकार,संचार माध्यमों, छपाई,लेखपाल, प्रचारप्रसार माध्यम, चिकित्सक,चिकित्सा आदि

      https://knowtransit.blogspot.com/2021/05/on-august-26-2021-mercury-will-transit.html

Tuesday, July 6, 2021

जुलाई महीने 2021 में ज्योतिषीय रूप महत्वपूर्ण घटनाएं

   

 1.      7 जुलाई 2021 को प्रातः 11:52 पर बुध ग्रह मृगशिरा नक्षत्र में मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे और सूर्य के साथ युति होकर गोचर करेगें।बुध मिथुन राशि के स्वामी हैं।मृगशिरा नक्षत्र का स्वामी मंगल ग्रह है। गोचर में राशि एवं नक्षत्र के स्वामी के प्रभाव अधिक दिखाई देगा।मिथुन राशि वह स्थान जहाँ पर संगीतकार,कलाकार,वेश्याएं रहती हैं।शयनकक्ष,आनन्द लेने का स्थान, ग्रामीण क्षेत्रों, द्विपाद,पश्चिम दिशा, मिश्रित प्रकृति , कर्मचारी वर्ग ,वायु तत्व ,बुध यदि शुभ ग्रहों से युति करता है तो शुभ फल प्राप्त होते हैं।जब अशुभ या पाप ग्रहों युति करते हैं उसके अनुरूप फल प्राप्त होते है।बुध ग्रह बुद्धिमता,वाक्पटुता,मन्दिर, व्यापार और वाणिज्य, सलाहकार,पत्रकारिता, दूरसंचार, कंप्यूटर की सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग,हस्तकला,वाणी, काला जादू,वेद पुराण, हाजिर-जबाबी,चालाक, मामा ,मौसी ,हरे रंग,गणितज्ञ, ज्योतिषी आदि। बुध द्वारा शासित वस्तु हरा धनिया,हरा चारा,हरा चना, पन्ना, सीसा, तिलहन, खाद्य तेल,पीतल, सिक्के का एलॉय आदि ।
शनि- नीच का मंगल का समसप्तक योग का बना रहे हैं।सीमाप्रान्तों जैसे चीन, नेपाल,पाकिस्तान,जम्मू कश्मीर की सीमाओं विशेष रूप अशान्ति दिखाई देगी।मिथुनराशि में सूर्य-बुध के ऊपर राहु और नीच के मंगल की दृष्टि होने से देश के नेतृत्व को चिंताग्रस्त होंगे।वायुयान दुर्घटना,भूकंप, तूफान का  संकेत मिलेगा।

2. 16 जुलाई 2021 को 13:30 सूर्य,बृहस्पति के पुनर्वसु नक्षत्र में स्थित कर्क राशि मे प्रवेश करेंगे और शुक्र एवं नीच मंगल के साथ युति में होंगे।शनि-सूर्य-शुक्र-नीच का मंगल समसप्तक योग का निर्माण कर रहे। कर्क राशि के स्वामी चन्द्रमा हैं। शुक्र एवं मंगल दोनों ग्रह बुध के नक्षत्र में स्थित हैं।देश मे अशान्ति उत्पन्न होगी।मंगल ग्रह की नीच की राशि गोचर है।बरसात का कम और अधिक होने से कई स्थानों अधिक की कारण फसलों में बर्बाद हो जाएगी।कई स्थानों वर्षा की कमी की वजह से अन्न उत्पादन में कमी आएगी।लोगों महंगाई की वजह से परेशान हो जाएंगे।आर्थिकस्थिति कमजोर होगी। कई राज्यों में साम्प्रदायिक दंगों ,प्राकृतिक आपदाओं,भूकम्प,बाढ़,आंधी,तूफान, उग्रवादी घटनाओं,सीमाओँ क्षेत्रों में अशान्ति देखने को मिलेगी।
कर्क राशि उत्तरदिशा,चर राशि,जल राशि ,शुक्र उत्तर-पूर्व, सूर्य अग्नि प्रकृति,पत्ति प्रकृति,सूर्य आत्मा,शक्ति,अधिकार,पैतृक सम्पत्ति, रक्तसंचार, दण्डअधिकारी, शासक,प्रशासनिक, निर्माता, चौथा स्थान यानि कि घर,भूमि ,शल्यचिकित्सा, अग्नि,तीव्र कामवृत्ति, घर से बाहर नाजायज रिश्ते, सत्ता पक्ष के द्वारा भूमि अधिग्रहणकानून का लाना और मंगल के कारण निरस्त होना, कसाई,इन्द्रिय सुख केलिए व्यभिचार,प्रेम सम्बन्ध स्थापित करना, मादकपदार्थों का क्रय विक्रय अधिक होना,न्यायालय में उचित फैसले नहीं होना,  व्यर्थ सजा मिलनी,भोगविलास की अधिकता, दैनिकजीवनउपयोगी वस्तुओं की मूल्य वृद्धि, गेहूं, खण्डसारी,ताम्बे के भाव वृद्धि,दालों,तेल,घी,गुड़,चावल,चीनी,सुगन्धित ,शराब, के मूल्यों अचानक से वृद्धिहोगी।देश मे अशान्ति उत्पन्न होगी।मंगल ग्रह की नीच की राशि गोचर है।बरसात का कम और अधिक होने से कई स्थानों अधिक की कारण फसलों में बर्बाद हो जाएगी।कई स्थानों वर्षा की कमी की वजह से अन्न उत्पादन में कमी आएगी।लोगों महंगाई की वजह से परेशान हो जाएंगे।आर्थिकस्थिति कमजोर होगी। कई राज्यों में साम्प्रदायिक दंगों ,प्राकृतिक आपदाओं,भूकम्प,बाढ़,आंधी,तूफान, उग्रवादी घटनाओं,सीमाओँ क्षेत्रों में अशान्ति देखने को मिलेगी।

https://knowtransit.blogspot.com/2021/04/on-july-16-2021-at-1330-sun-will.html

3. 17 जुलाई 2021 को प्रातः काल 07:47 शुक्र ग्रह ,केतु नक्षत्र मघा स्थित सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।सिंह राशि एक स्थिर,विषम,अग्नि तत्त्व, सूर्य राशि के स्वामी है। घने वनों के इलाके,पर्वत,और पहाड़ियों,किले में निवास स्थान होता है।शुक्र ग्रह कारक है:- पत्नी,विवाह,सैक्स सम्बंधित,शुक्र ग्रह वृषभ, तुला राशि के स्वामी, प्रजजन अंग,ऐन्द्रीय आनन्द,पति के ,खरीदना-बेचने,सफेद वस्तुओं,प्रेम सम्बन्धों, व्यभिचार,तीव्र इच्छा,रसीले पदार्थों, नोसेन,रेलवे, यौनव्यापार,उद्योग,आभूषण आदि कारक हैं।


सूर्य-मंगल-शनि वक्री का समसप्तक योग का निर्माण कर रहे हैं।राहु की दृष्टि शनि के ऊपर है।देश मे अशान्ति उत्पन्न होगी।मंगल ग्रह की नीच की राशि गोचर है।बरसात का कम और अधिक होने से कई स्थानों अधिक की कारण फसलों में बर्बाद हो जाएगी।कई स्थानों वर्षा की कमी की वजह से अन्न उत्पादन में कमी आएगी।लोगों महंगाई की वजह से परेशान हो जाएंगे।आर्थिकस्थिति कमजोर होगी। कई राज्यों में साम्प्रदायिक दंगों ,प्राकृतिक आपदाओं,भूकम्प,बाढ़,आंधी,तूफान, उग्रवादी घटनाओं,सीमाओँ क्षेत्रों में अशान्ति देखने को मिलेगी।

https://knowtransit.blogspot.com/2021/04/on-july-17-2021-venus-will-be-transit.html

 4.      20 जुलाई 2021 को प्रातः काल 15:53 मंगल ग्रह ,केतु नक्षत्र मघा स्थित सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।मंगल-शनि वक्री का षडाष्टक योग का निर्माण कर रहे हैं। ग्रह स्थिति इस बारे संकेत कर रही हैं कि अचानक आँधी,तूफान,बरसात और भूकंप, कई स्थानों कम बरसात की वजह से फसलों की बुवाई में समस्या,पानी कमी फसलों नष्ट हो जा हो जाएगी। अग्निकांड,उपद्रव,जनता में भारी रोष व्याप्त होगा।भष्टाचार, विलक्षण प्रतिभा,आर्थिक संकट,घटनाओं अचानकसे घटित होगी।रक्तपात, सीमाओँ क्षेत्रों में सीमतिक्रमन से अशान्ति व्याप्त रहेगी। वायुयान दुर्घटना,उग्रवादी घटनाओं, प्राकृतिक आपदाओं होगी।

सिंह राशि एक स्थिर,विषम,अग्नि तत्त्व, सूर्य राशि के स्वामी है। घने वनों के इलाके,पर्वत,और पहाड़ियों,किले में निवास स्थान होता है।मंगल ग्रह कारक है:- शक्ति,बल,पराक्रम, रक्त,मांसपेशियों, अचल संपत्ति,भूमि,अग्नि,छोटे भाई-बहनों, सौतली मां,दुर्घटना, शल्यचिकित्सा, युद्धमें उपयोग आने वाली सामग्री, धातुका व्यापार,यांत्रिक,पुलिस,सेना,चिकित्सा,कारावास,रसायन शास्त्र आदि ।पंचम भाव :- संतान,बुद्धिमता,गर्भधारण,अच्छे सिद्धान्त, इश्कबाजी,प्रेम सम्बन्धों, बलात्कार,अपहरण, स्मरणशक्ति, यौनानन्द, दूर दृष्टि , मासिक चक्र, बांझपन,गर्भपात,  गर्भाशय संबंधी बीमारी, नपुंसकता आदि। जब शुक्र और मंगल एक साथ गोचर कर रहे हो ,मनुष्य रोमांटिक, अपने आपको उम्र से छोटा सा होकर जीवन व्यतीत करने लग जाता हैं। उसके घरबार का ज्ञान भी रहता है। मनुष्य एक कवि,संगीतज्ञ, कामेच्छाओं के प्रति अति होना।

               https://knowtransit.blogspot.com/2021/04/on-july-20-2021-mars-will-transit-in.html

गण्डमूल नक्षत्र मास जुलाई 2021

प्रारम्भ तिथि 

नक्षत्र 

समय 

समाप्त तिथि 

2 -7 -2021 

रेवती 

03 -50से 06 -13  

3 -7 -2021 

3 -7 -2021 

अश्विनी 

06-14 से 09 -05 

4 -7-2021 

12 -7 -2021 

आश्लेषा 

02 -20 से 03-13   

13-7-2021 

13 -7-2021 

मघा 

03-14 से 03-39 

14 -7-2021 

20 -7 -2021 

ज्येष्ठा 

20-32  से18-29  

21-7-2021 

21-7-2021 

मूला 

18-30 से 16-25 

22-7-2021 

29-7-2021 

रेवती 

12-05 से 14-05 

30-7-2021 

30-7-2021 

अश्विनी 

14-06 से 16-39  

31-7-2021 


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     पंचक नक्षत्र जुलाई महीने 2021

        प्रारम्भ की तिथि 

समय 

नक्षत्र का नाम 

समाप्ति की तिथि 

समय 

          30-6-2021/ 01:07-2021

  02:05

उत्तरभाद्रपद

01-07-2021 

16:12

          01-07 -2021

  16:13

रेवती



03-07-2021

06:13

            25-07-2021 

11:20

धनिष्ठा 

  26 -07 -2021 

10:29 

            26-07-2021 

10:30

शतभिषा 


  27-07-2021

10:17

            27-07-2021

10:18

पूर्वभादपद्र 

28-07-2021

10:48

          28-7-2021

10:49

उत्तरभाद्रपद  

29-7-2021 

12:05

29 -7 -2021 

12 :06 

रेवती 

30-7-2021 

14:05 

  •           

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APRIL 2026'S ASTROLOGICAL OCCURRENCES ( GAND MOOL / PANCHAK )

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