Wednesday, January 29, 2020

मई 2020 में ज्योतिषीय रूप महत्वपूर्ण घटनाएं।

1  .4 मई 2020 को मंगल कुम्भ राशि मे गोचर करेगे

4 मई 2020 को भारतीय मानक समय के अनुसार 23:20 पर मंगल ग्रह घनिष्ठा नक्षत्र में स्थित कुम्भ राशि मे गोचर करेगे। मंगल ग्रह हमारे जीवन मे भूमि,बल,पराक्रम,क्रोध,अग्नि,रक्त,छोटे भाई-बहनों,ऊर्जा शक्ति,दवाइयां,रसायन,लकड़ी,खनिज,धातु,इच्छा शक्ति,होरा शास्त्रनुसार,उत्तम गुणों  का प्रतिनिधित्व करते है।मंगल ग्रह यह गोचर एक राशि मे 45 दिनों का होता हैं।शनिक्षेत्र में मंगल ग्रह का प्रवेश होना । मंगल ग्रह की दृष्टि शुक्र ग्रह पर है कि कारण लोग दूषित वायु प्रदूषण से परेशान होंगे। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति की मृत्यु से सत्तापरिवर्तन के आसार है।शनि -राहु का षडष्टक योग बनने के कारण प्राकृतिकआपदा ,भूकम्प,वायुयान दुर्घटना से जनता में त्रादर्शी से जनता को धन और जन हानि होगी इस समय की कुण्डली में सभी ग्रह राहु और केतु  के मध्य में स्थित हैं।काल सर्प योग की कुण्डली हैं।
         कुम्भ लग्न एवं कुम्भ राशि तथा घनिष्ठा नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातकों के लिए  यह गोचर बहुत महत्वपूर्ण होगा।यदि जन्म कुण्डली में मंगल ग्रह की महादशा और अन्तर दशा चल रही होगी।

                     https://knowtransit.blogspot.com/2020/01/on-may-42020-mars-will-transit-in.html

2.  11 मई 2020 को शुक्र ग्रह वक्री राशि में गोचर करेगे

11 मई 2020 को भारतीय मानक समय के अनुसार 01:51 पर शुक्र ग्रह मृगशिरा नक्षत्र में स्थित वृषभ राशि मे वक्री गति से गोचर करेगे। शुक्र ग्रह हमारे जीवन मे सुंदरता,कवि,कलाकार,सौम्य,मृदुभाषी,धनवान, प्रतिष्ठा,दयावान,मनोरंजन,संगीत, सौन्दर्य प्रसाधन, वासना, कामेच्छा, शरीरिक सुख, खान -पान के शौकीन ,इत्र ,विवाह जीवन,जीवनसाथी  का प्रतिनिधित्व करते है।शुक्र ग्रह यह गोचर एक राशि मे एक महीने का होता हैं।

     शुक्र ग्रह इस अपनी ही राशि मे स्थित है। इस समय शनि की दृष्टि सूर्य पर है और मंगल ग्रह की दृष्टि वक्री शुक्र पर है।शनि-राहु का षंडष्टक योग और मंगल ग्रह कुम्भ राशि स्थित हैंअतः किसके कारण किसी मुस्लिम देश एवं भारत के उत्तरी एवं पश्चिमी प्रान्तों में भूकम्प,तूफान और समुद्रीतटवर्ती प्रान्तों  भंयकर स्थितियां बनेगी।

वृषभ राशि एवं वृषभ लग्न और मृगशिरा नक्षत्र वाले जातकों के अच्छे एवं बुरे प्रभाव लेकर आएगा। यदि उनकी शुक्र ग्रह महादशा और अन्तर दशा चल रही होगी। यह सब आपकी जन्म कुण्डली में शुक्र ग्रह स्थिति पर निर्भर करेगा।

3.    13 मई 2020 को शनि वक्री मकर राशि में गोचर करेंगे।

13 मई 2020 को भारतीय मानक समय के अनुसार 07:53 पर शनि अपनी मकर राशि में वक्री गति से गोचर करेगे। शनि इस वक्त उत्तरषाढ़ा के चौथे चरण में गोचर कर रहे। बृहस्पति अपनी नीच स्थिति में है। उत्तरषाढ़ा नक्षत्र के स्वामी सूर्य है। मंगल की दृष्टि शुक्र ग्रह पर है शनि -राहु षडष्टक योग का निर्माण कर रहे हैं। इस समय कुंडली वासुकी काल सर्प योग का निर्माण कर रही है। जिसके कारण देश के प्रभावी व्यक्ति की मृत्यु और सत्तापरिवर्तन के योग बन रहे है। प्राकृतिक आपदाओं जैसे कि भूकंप, तूफान और सुमंदर तट के प्रान्तों में बाढ़ की स्थिति से जनता परेशान और दुःखी होगी।

शनि हमारे जीवन में पिछले जन्म कर्मो का हिसाब-किताब का परिणाम देने सक्षम होते हैं।सतर्क,मितव्ययी,धीमी गति कार्य करने वाला, धुन के पक्के, लोहा, काली वस्तुओं, सहन शक्ति वाला, ईमानदार,बहु-सम्पत्ति,आध्यात्मिक जीवन, परिश्रमी, निष्कपट, दण्डाधिकारी, कुरूप,वृद्धावस्था, कारावास, लम्बी बीमारियों, गठिया,कैंसर,मधुमेह, अलगाव,,दरिद्रता,चोर, धोखेबाज,अपराधी ,दुर्बुद्धि,रिरंकुश आदि का प्रतिनिधित्व करते है।
       https://knowtransit.blogspot.com/2020/01/on-may-132020-saturn-will-retrograde-in.html

4.    14 मई 2020 को सूर्य वृषभ राशि में गोचर करेंगे।

14 मई 2020 को भारतीय मानक समय के अनुसार 20:58 पर सूर्य  वृषभ राशि में  से गोचर करेगे। सूर्य  इस वक्त कृत्तिका के दूसरे चरण में गोचर कर रहे।  सूर्य यहाँ पर बुध और वक्र शुक्र से युति करेगे।  बृहस्पति अपनी नीच स्थिति में है। कृत्तिका नक्षत्र के स्वामी सूर्य है। मंगल की दृष्टि शुक्र,सूर्य,और बुध ग्रह पर है शनि -राहु षडष्टक योग का निर्माण कर रहे हैं। इस समय कुंडली  काल सर्प योग का निर्माण कर रही है। अतः किसी मुस्लिम देश एवं भारत के उत्तरी और पश्चिमी प्रान्तों में कहीं  प्राकृतिक आपदाओं जैसे कि भूकंप, तूफान और सुमंदर तट के प्रान्तों में बाढ़ की स्थिति से जनता परेशान और दुःखी होगी। काल सर्प योग की कुण्डली के कारण यू.एस,रूस,चीन, उत्तरी कोरिया एवं पाकिस्तान में मारक शस्त्रों के परीक्षण के कारण विश्व शान्ति के लिए भयावह स्थिति रहेगी।

                          https://knowtransit.blogspot.com/2020/01/on-may-142020-sun-will-transit-in.html

5.    16 मई 2020 को बृहस्पति वक्री होकर मकर राशि में गोचर

16 मई 2020 को भारतीय मानक समय के अनुसार 12:21 पर बृहस्पति  मकरस्थ राशि में वक्री गति  से गोचर करेगे। बृहस्पति  इस वक्त उत्तरषाढ़ा के दूसरे चरण में गोचर कर रहे। बृहस्पति और वक्र शनि से युति करेगे। बृहस्पति अपनी नीच स्थिति में है। उत्तराषाढा नक्षत्र के स्वामी सूर्य है। मंगल की दृष्टि शुक्र,सूर्य,और बुध ग्रह पर है शनि -राहु षडष्टक योग का निर्माण कर रहे हैं। वक्र शनि और वक्र बृहस्पति की दृष्टि सूर्य,वक्र शुक्र और बुध  पर रहेगी।इस समय कुंडली  काल सर्प योग का निर्माण कर रही है। अतः किसी मुस्लिम देश एवं भारत के उत्तरी और पश्चिमी प्रान्तों में कहीं  प्राकृतिक आपदाओं जैसे कि भूकंप, तूफान और सुमंदर तट के प्रान्तों में बाढ़ की स्थिति से जनता परेशान और दुःखी होगी। काल सर्प योग की कुण्डली के कारण यू.एस,रूस,चीन, उत्तरी कोरिया एवं पाकिस्तान में मारक शस्त्रों के परीक्षण के कारण विश्व शान्ति के लिए भयावह स्थिति रहेगी।

                   https://knowtransit.blogspot.com/2020/01/on-may-162020-jupiter-will-be.html

6.      24 मई 2020 को बुध मिथुन राशि में गोचर करेंगे।
24 मई 2020 को भारतीय मानक समय अनुसार रात्रि 11 बजकर 47 मिनट पर बुध ग्रह मिथुन राशि में गोचर करेंगे।इस समय बुध मृगशिरा नक्षत्र में स्थित हैं। मृगशिरा नक्षत्र के स्वामी मंगल और राशि स्वामी बुध ग्रह हैं।जन्म चन्द्रमा से बुध का गोचर 2,4,6,8,10 एवं 11 घर मे शुभ परिणाम देते हैं।बुध का गोचर लगभग एक राशि एक महीने का होता है।यह गोचर बहुत ही महत्वपूर्ण होता हैं।जब भी अन्य भवो गुजरता अधिक शक्तिशाली संकेत देता हैं।मानसिक एकाग्रता और प्राथमिकताओं में आए परिवर्तन को भी दर्शाता है।संचार संप्रेषण की ओर इशारा करता है। तार्किक बुद्धि और विचारों में स्पष्टता भी देता हैं। तीसरे स्थान पर गोचर में अशुभता को दर्शाता हैं। भय,आतंक,श जातको से झगड़े, धन हानि,चोरी, राजकोप, मुश्किलें, दुर्दशा,क्षीण स्मरण शक्ति,मानसिक बीमारी आदि परेशानियां देता है। बुध ग्रह चन्द्रमा और राहु के साथ युति में है।वक्र बृहस्पति नीच राशि गत  है वक्र  शनि -राहु  षडष्टक योग बना रहे हैं। प्राकृतिक आपदाओं ,मुस्लिम देश सत्ताहस्तान्तरण ,वायुवेग से हानि, खड़ी फसलों को हानि देगा। दक्षिण-पश्चिमी भूभाग पर प्राकृतिक प्रकोप देगा।

                   https://knowtransit.blogspot.com/2020/01/on-may-242020-mercury-will-transit-in.html



               

                    7.        गण्डमूल नक्षत्र  



प्रारम्भ तिथि                                            


 समय 

नक्षत्र   

समय    

समाप्ति तिथि 






1  -5 -2020
01 :52 
अश्लेषा  
01 :01 
2 -5 -2020
2 -5 -2020
01 :02
मघा  
23 :36
2 -5 -2020
9 -5 -2020
06 :33 
  मूल  
04  :14 
11 -5  -2020
18  -5 -2020
16  :57   
रेवती 
19 :52  
19 -5 -2020
19  -5 -2020
19  :53 
अश्विनी 
22  :35  
20 -5 -2020
28  -5 -2020
07  :25   
अश्लेषा   
06  :57  
29 -5 -2020
29 -5 -2020 
06 :58 
मघा 
06 :02 
30 -5 -2020 

                 https://panchaangastro.blogspot.com/2019/08/blog-post_6.html

  8.                                                        पंचक  नक्षत्र 
                   https://panchaangastro.blogspot.com/2019/07/blog-post_14.html
प्रारम्भ की तिथि 
समय 
नक्षत्र का नाम 
समाप्ति की तिथि 
समय 
14 -5 -2020 
  19 :25 
घनिष्ठ 
15 -5 -2020 
08 :30 
15 -5 -2020 
  08 :31 
शतभिषा 
16 -5 -2020 
11:06 
16 -5 -2020 
11 :07
पूर्वाभाद्रपद 
17 -5 -2020 
13 :58
17 -5 -2020 
13 :59
उत्तरभाद्रपद 
18 -5 -2020 
16 :57 
18 -5-2020 
16 :58 
रेवती 
19 -5 -2020 
19:52 

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Tuesday, January 28, 2020

अप्रैल महीने 2020 में ज्योतिषीय रूप से महत्वपूर्ण घटनाएं

7 अप्रैल 2020 को भारतीय मानक  समय पर दोपहर 2 बजकर 52 मिनट पर बुध ग्रह मीन राशि मे गोचर करेगे।इस समय बुध ग्रह पूर्वभाद्रपद नक्षत्र में स्थित है।बृहस्पति ग्रह इस नक्षत्र के स्वामी है ।बुध ग्रह इस समय सूर्य से युति करेगे। बुध ग्रह अपनी नीच राशि मे स्थित हैं। मकरस्थ में शनि-मंगल और बृहस्पति अपनी नीच स्थिति में युति कर रहे हैं जिसके कारण राजनैतिक दृष्टि से देश को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। से करना होगा। कुछ प्रान्तों में साम्प्रदायिक उपद्रव को कठोरता से निपटना पड़ेगा और सीमा प्रान्तों में अशांति बनी रहेंगी।तेज हवाओं और भूकम्प और आगजनी की घटनाओं से भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।  प्रधान नेतृत्व को सम्भाल कर कार्य करने होंगे।शनि क्षेत्र में नीच के बृहस्पति,शनि-मंगल और राहू का षडष्टक योग भी काफी विपरीत परिस्थितियों को लेकर आ रहा है। शनि देव की सूर्य और बुध को दृष्टि कर रहे हैं। https://knowtransit.blogspot.com/2020/01/on-april-72020-mercury-will-transit-in.html

बुध ग्रह के प्रभाव :-  मीन राशि एवं मीन लग्न और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र वालो को विशेष रूप से प्रभावित होंगे यदि उनकी जन्म कुण्डली में यदि बुध की महा दशा और अन्तर दशा चल रही होगी।

13 अप्रैल 2020 को भारतीय मानक  समय पर रात्रि 23 बजकर 49 मिनट पर सूर्य  ग्रह मेष राशि मे गोचर करेगे।इस समय सूर्य ग्रह अश्विनी नक्षत्र में स्थित है।केतु  ग्रह इस नक्षत्र के स्वामी है ।सूर्य इस समय उच्चतम स्थिति मे हैं। संवत्सरेश बुध ग्रह व्यय स्थान मे स्थित हैं।जिसके कारण देश सत्ता परिवर्तन संभावित हैं। मकरस्थ में शनि- उच्च के मंगल और नीचस्थ बृहस्पति अपनी नीच एक राशि में युति कर रहे हैंजिसके कारण विपक्षी पार्टी द्वारा शासन में समस्याएं खड़ी करेगे। शनि-मंगल की स्थिति  के कारण राजनैतिक दृष्टि से देश को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।और सीमा प्रांतो में संघर्ष परिस्थितियों को लेकर आए ।
शनि क्षेत्र में नीच के बृहस्पति,शनि-मंगल और राहू का षडष्टक योग भी काफी विपरीत परिस्थितियों को लेकर आ रहा है। सूर्य पर मंगल ग्रह की दृष्टि भी प्रधान नेतृत्व  को कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ेगा। देश मे हो रही प्रान्तीय उलझनों के कारण और सम्प्रदायिक दंगो से निपटने के सेना का सहारा लेना पड़ेगा ।आँधी और तूफान के भी सहयोग बाह् रहे । कही -कही पर औला वृष्टी और चटाने खिसकने की स्थिति बन रही है।वर्षा के कारण खड़ी फसलों को नुकसान होगा।              https://knowtransit.blogspot.com/2019/12/on-april-132020-sun-transit-in-aries.html




             

                           गण्डमूल नक्षत्र  



प्रारम्भ तिथि                                            


 समय 

नक्षत्र   

समय    

समाप्ति तिथि 






3  -4 -2020
14 :52 
अश्लेषा  
17 :02 
4 -4 -2020
4 -4 -2020
17 :03 
मघा  
14 :52
5 -4 -2020
11 -4 -2020
20 :18 
  ज्येष्ठा 
19 :18 
12-4 -2020
12  -4 -2020
19 :19
मूल 
19 :08 
13 -4 -2020
21 -4 -2020
10 :22
रेवती 
13 :17 
22 -4 -2020
22 -4 -2020
13 :18 
अश्विनी 
16:03 
23 -4 -2020

         
                                        https://panchaangastro.blogspot.com/2019/07/blog-post_14.html                              पंचक  नक्षत्र 

प्रारम्भ की तिथि 
समय 
नक्षत्र का नाम 
समाप्ति की तिथि 
समय 
17  -4 -2020 
  12 :19 
घनिष्ठ 
18 -4 -2020 
01 :36 
18 -4 -2020 
  01 :37 
शतभिषा 
19 -4 -2020 
04:24 
19 -4 -2020 
04 :25
पूर्वाभाद्रपद 
20 -4 -2020 
07 :22 
20 -4 -2020 
07 :23 
उत्तरभाद्रपद 
21 -4 -2020 
10 :22 
21 -4-2020 
10 :23 
रेवती 
22 -4 -2020 
13:17 
                       

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