Tuesday, January 4, 2022

जनवरी महीने 2022 की ज्योतिषिय रूप महत्वपूर्ण घटनाएं

4 से 14 जनवरी 2022 को 8 बजकर 32 मिनट भारतीय मानक समय पर शुक्रग्रह उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में स्थित धनु राशि मे अस्त होनेजा रहे।जिस समय शुक्र दहन होंगे और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार उस समय के दौरान सभी प्रकारके शुभकार्य बाध्य किया जाते है।शुक्र भार्या,विवाह,इंद्रिय सुख के कारक ,आभूषण,ऐशोआराम,शुक्र सातवे भाव और परिवार भाव के स्वामी हैं,मैथुन की इच्छा,वीर्य ,प्रेमसम्बंध,इत्र,सुगंध,सास-सुसर ,सुंदरता,मांगल्य कार्य कारकशुक्रग्रह ,युवा, नृत्य,संगीत,गाना,जल की क्रीड़ाये,विलासता,व्यभिचार,तीव्र लालसा,शराब,रसीले पदार्थ,मैथुन को अतिमहत्वपूर्ण मानता और वाहन आँखे के कारक ग्रह हैं।

    https://knowtransit.blogspot.com/2021/07/on-january-4-to-14-2022-venus-will-be.html

14 जनवरी 2022 को 12:06 मिनट सूर्य मकर राशि मे गोचर करेंगे और शनि-बुध के साथ युति करेगें।राहु-मंगल का समसप्तक योग का निर्माण कर रहे है और उसके कारण उत्तरी भारत मे चीन-जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती क्षेत्रों मुश्किल स्थिति का निर्माण करेंगी।उत्तरी देशों और मुस्लिम देशों भयंकर युद्ध जैसे हालात बन गए और हत्याकांड,उग्रवादियों घटनाओं,भूकंप,सम्प्रदायिक उपद्रव,दुर्घटनाओं घटित होगी।ओला वृष्टि,अधिकठंड,बर्फ़बारी,पहाड़ीइलाकों में प्राकृतिकआपदाओं घटित होगी।मकर राशि एक जलराशि हैं।राजनीति और राजनीतिज्ञ कठिन परिस्थितियों का निर्माण होगा।शनि और सूर्य दोनों ही क्रूर ग्रह हैं।शनि कर्म दाता भी है पूर्व जन्म और इस जन्म कर्मो का भुगतान किया जाताहै।

          https://knowtransit.blogspot.com/2021/09/on-january-142022-sun-will-transit-in.html

16जनवरी 2022 को 17:07 मिनट मंगल धनु राशि मे गोचर करेंगे मंगल इस समय केतु ग्रह मूल नक्षत्र में स्थित है और शनि-सूर्य  युति मकर राशि में करे रहे ।राहु-मंगल का षड़ष्टक योग का निर्माण कर रहे है और राजनेता के लिए कठिन समस्या और साम्प्रदायिक समस्याओं और भारत की सीमाओं पर क्षेत्रों में उपद्रव और घटनाओं घट सकती हैं हत्याकांड,उग्रवादियोंघटनाओं,भूकंप,सम्प्रदायिक उपद्रव,दुर्घटनाओं घटित होगी।ओला वृष्टि,अधिकठंड,बर्फ़बारी,पहाड़ीइलाकों में प्राकृतिकआपदाओं घटित होगी।मकर राशि एक जल राशि हैं।राजनीति और राजनीतिज्ञ कठिन परिस्थितियों का निर्माण होगा।शनि और सूर्य दोनों ही क्रूर ग्रह हैं।शनि कर्म दाता भी है पूर्व जन्म और इस जन्म कर्मो का भुगतान किया जाताहै। मंगल ग्रह एक अग्नि, हमारे शरीर खून  का प्रतीक, मासिक धर्म, गर्भपात, केमिकल,रोग,चिकित्सा, भूमि, तर्क,अचल संपत्ति, कामुक्ता, आकस्मिक मृत्यु, हत्या,क्रोध,घृणा, हिंसा,दुर्घटना, रक्षा,बल,मांसपेशियों, इच्छाओं की आग,घावों, विरोधियों, नैतिकता की हानि,सौतेली माता ,पाप,सेनापति, पुलिस, शल्यक्रिया, शल्यचिकित्सा, कसाई,कारावास,औजार आदि के कारक मंगल ग्रह है।

https://knowtransit.blogspot.com/2021/09/on-january-16-2022-mars-will-transit-in.html

19जनवरी 2022 को 8:18 मिनट शनि मकर  राशि मे दहन अवस्था मे गोचर करेंगे,शनि 
 इस समय चन्द्रमा ग्रह श्रवण नक्षत्र में स्थित है और शनि-सूर्य-बुध युति मकर राशि में करे रहे ।राहु-मंगल का षड़ष्टक योग का निर्माण कर रहे है और सत्ता पक्ष  कठिन समस्या और साम्प्रदायिक समस्याओं और भारत की सीमाओं पर क्षेत्रों में उपद्रव और घटनाओं घट सकती हैं हत्याकांड,उग्रवादियोंघटनाओं,भूकंप,सम्प्रदायिक उपद्रव,दुर्घटनाओं घटित होगी।ओला वृष्टि,अधिकठंड,बर्फ़बारी,पहाड़ीइलाकों में प्राकृतिकआपदाओं घटित होगी।मकर राशि एक जलराशि हैं।राजनीति और राजनीतिज्ञ कठिन परिस्थितियों का निर्माण होगा।शनि और सूर्य दोनों ही क्रूर ग्रह हैं।शनि कर्मदाता भी हैपूर्व जन्मोंऔर इस जन्म कर्मो का भुगतान किया जाताहै। शनि 
ग्रह आयु,कष्ट,प्राकृतिक आपदाओं, मृत्यु, बुढ़ापे,रोग,निर्धनता, गरीबी,  भय, गोपनीयता, नोकरी, कृषि, खनिज, कामगार, मजदूरों, अकाल,विदेशी निवास, ऋण , ऊँचाई गिरना, अपमान, काले तिल, काले वस्त्र, विष, काले अनाज, टांगे, राख, डकैती,शासन से शुत्रता,रोग, अवरोध, भूमि, सहनशक्ति, आलस्य, तीर्थ यात्रा, दुःख, जीवन वृति, लकड़ी ऊन, लोहा,इस्पात,अछूत,कार्य में देरी,शीशे की टाइलों कारखाना, चमड़े, तेल,राहगीर, पत्थर, खेती बाड़ी,मकान निर्माण, दिमागी और शरीरिक शक्ति के कारक ,धोखाधड़ी, धोखेबाजी, जल्लाद, तपस्वी, कुली,निर्माता, सेवक,चालक, गहन अध्ययन के कारक शनि देव है।

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जून मास 2026 गण्डमूल पंचक नक्षत्र

                                      गंडांत ( गाल का सिरा ) नक्षत्रों का हिस्सा है , जो ज्योतिष में शुभ माना जाता है। ये हिस्...