1 अगस्त, 2020 को शुक्र मिथुन राशि में गोचर करेगा
1अगस्त 2020 को शुक्र ग्रह भारतीय मानक समय 06:42:00 मिनट मृगशिरा नक्षत्र में स्थित मिथुन राशि मे गोचर करेगे। मिथुन राशि के स्वामी बुध ग्रह और मृगशिरा नक्षत्र के स्वामी मंगल है।शक्ति और ऊर्जा को पुनर्जीवित करना होता है। तृतीय भाव का भावार्थ काल पुरूष की कुण्डली का तीसरा स्थान है।शुक्र भार्या ,विवाह,इन्द्रिय सुख,काम,वाहन,आभूषण,ऐशो आराम की वस्तुओं,जलीय स्थल,उत्तेजना,मैथुन की इच्छा,वीर्य, चाँदी, मोती, प्रेम सम्बन्ध,इत्र, सुगंध, अच्छे वस्त्र,सास-ससुर ,नानी-नाना, सुंदरता,मांगल्य कार्य कारक, युवा, नृत्य, संगीत, गाना, विलासिता, व्यभिचार, तीव्र, खजाना, शराब, रसीले पदार्थों,कलात्मक गुण कारक है। सूर्य-शनि और बृहस्पति-शुक्र का समसप्तक योग कुछ प्रान्तो में दुर्भिक्ष ,पेयजल-समस्याओं से जनता दुःखी होगी। दक्षिण-पश्चिम दिशा में प्रकृतिक आपदा और भूकंप ,दुर्भिक्ष घटनाएं घट सकती हैं।कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति,ज्यादा वर्षा होगी।वक्र शनि मंगल को दृष्टि कर रहे हैं।सम्प्रदायिक उपद्रव और सीमा क्षेत्रों में उपद्रव के संकेत है उसके सरकार को कश्मीर,चीन,और पाकिस्तान के सीमावर्तीइलाकों को सुरक्षाव्यवस्था के लिए कठोर कदम उठाने की आवश्यकता चाहिए।
https://knowtransit.blogspot.com/2020/03/on-august-1-2020-venus-transit-in.html
2 गण्डमूल नक्षत्र
https://panchaangastro.blogspot.com/2019/08/blog-post_6.html
3 पंचक नक्षत्र
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2 गण्डमूल नक्षत्र
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3 पंचक नक्षत्र
4. अगस्त 2020 को बुध कर्क राशि में गोचर करेगा
https://knowtransit.blogspot.com/2020/03/on-august-22020-mercury-will-in-cancer.html
5. 15 अगस्त 2020 को मंगल ग्रह मेष राशि मे गोचर करेगे।
१५ अगस्त 2020 को मंगल ग्रह भारतीय मानक समय २३:३०:00 मिनट आश्लेषा नक्षत्र में स्थित मेष राशि मे गोचर करेगे। मेष राशि के स्वामी मंगल ग्रह और अश्लेषा नक्षत्र के स्वामी बुध है।साहस और ऊर्जा,छोटे भाई-बहन ,आन्तरिक बल, अचल संपत्ति, भूमि,अग्नि, रक्षा, तर्क, शल्यचिकित्सा, रोग,शत्रुओं, विज्ञान, गणित,सौतेली माँ,तीव्र कामना, घृणा, हिंसा,पाप, प्रतिरोधिता, कामुकता, आकस्मिक मृत्यु, हत्या,दुर्घटना,तंगदिली, बहादुरी,इच्छाओं की आग, मांसपेशियों,घावों, विरोधियों,नैतिकता की हानि आदि के कारक होते है। मेष राशि मे पहल करने की तीव्र इच्छा, सफलता प्राप्त करने दृढ़ इच्छाशक्ति ,दूसरे मनुष्य के प्रति विचार करने की कमी, आक्रमक,निर्भीक और साहसी ,संयोजक बनने का सामर्थ्य, आकर्षक वक्ता ।
राहु-शनि -शुक्र षडष्टक योग कुछ प्रान्तो में अवर्षण के दुर्भिक्ष ग्रस्त होंगे।सांम्प्रदायिक उपद्रव का संकेत दे रहे है। दक्षिण-पश्चिम दिशा में प्रकृतिक आपदा और भूकंप ,दुर्भिक्ष घटनाएं घट सकती हैं।कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति,ज्यादा वर्षा होगी।वक्र शनि मंगल को दृष्टि कर रहे हैं।सम्प्रदायिक उपद्रव और सीमा क्षेत्रों में उपद्रव के संकेत है उसके सरकार को कश्मीर ,चीन,और पाकिस्तान के सीमावर्तीइलाकों को सुरक्षाव्यवस्था के लिए कठोर कदम उठाने की आवश्यकता चाहिए।
https://knowtransit.blogspot.com/2020/03/on-august-15-2020-mars-will-transit-in.html
राहु-शनि -शुक्र षडष्टक योग कुछ प्रान्तो में अवर्षण के दुर्भिक्ष ग्रस्त होंगे।सांम्प्रदायिक उपद्रव का संकेत दे रहे है। दक्षिण-पश्चिम दिशा में प्रकृतिक आपदा और भूकंप ,दुर्भिक्ष घटनाएं घट सकती हैं।कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति,ज्यादा वर्षा होगी।वक्र शनि मंगल को दृष्टि कर रहे हैं।सम्प्रदायिक उपद्रव और सीमा क्षेत्रों में उपद्रव के संकेत है उसके सरकार को कश्मीर ,चीन,और पाकिस्तान के सीमावर्तीइलाकों को सुरक्षाव्यवस्था के लिए कठोर कदम उठाने की आवश्यकता चाहिए।
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6. 16 अगस्त 2020 को सूर्य सिंह राशि में गोचर करेंगे।
16 अगस्त 2020 को सूर्य सिंह राशि में गोचर करेंगे। सूर्य इस दौरान माघ नक्षत्र में स्थित है।मघा नक्षत्र के स्वामी केतु है। राशि के स्वामी स्वयं सूर्य है। इस दौरान बहुत ही शक्तिशाली होते हैं। सूर्य अपने गोचर के समय ३ रे, ६ वे ,१० वे और ११ घरों में शुभ फल देते हैं। ९ वे ,१२ वे, ४ वे और ५ वे कोई ग्रह न हो। एक राशि मे एक मास तक गोचर करते हैं। सूर्य का गोचर बहुत अधिक महत्वपूर्ण होता हैं।सूर्य हमारी,शरीर, शक्ति,,पिता, आँखों, मानसिक शुद्धि, खून, आत्मा, प्रशासन, वृद्ध अवस्था, राजैनतिक और राजैनतिक शक्ति, प्रधान, शिर, मुँह, अग्नि के कारक है।
https://knowtransit.blogspot.com/2020/03/on-august-16-2020-at-9.html
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