गंडांत (गाल का सिरा) नक्षत्रों का हिस्सा है, जो ज्योतिष में शुभ माना जाता है। ये हिस्से हैं अश्लेषा, ज्येष्ठा और रेवती के आखिरी 3°20' और अश्विनी, मघा और मूल के पहले 3°20'। गंडा का मतलब है 'गाल' और/या चेहरे का पूरा हिस्सा, जिसमें कनपटी भी शामिल है। इससे गंडांत के हिस्से उन आसमानी चेहरों का जंक्शन बन जाते हैं जो हमें नीचे देखते हैं। गंडांत खास तौर पर इसलिए सही नहीं है क्योंकि यह एक डबल संधि है, दो राशियों और दो नक्षत्रों का जंक्शन है। इन जगहों पर मौजूद ग्रह बहुत कमजोर होते हैं, और अगर सही उपायों से इन ग्रहों को मजबूत नहीं किया जाता है, तो ये जातक के जीवन में बड़ी समस्याओं का संकेत देते हैं।
यहाँ जून गंडमूल नक्षत्रों के लिए विशिष्ट विवरण दिए गए हैं।
1. 1-6-2026. मूला 19:09 2-6-2026 22:06
2. 10-6-2026 रेवती 09:22 11-6-2026 08:16
3. 11-6-2026 अश्विनी 08:17 12-6-2026 06:28
4. 18-6-2026 आश्लेषा 11:33 19-6-2026 09:26
5. 19-6-2026 मघा 10:07 20-6-2026 09:26
6. 27-6-2026 ज्येष्ठा 22:11 28-6-2026 25:08
7. 28-6-2026 मूला 25:09। 29-6-2026। 28:04
जून माह का पंचक
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. जून,6, 2026 |
धनिष्ठा |
06:04. |
. जून 7, 2026 |
07:55 |
कुंभ राशि |
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. जून,7, 2026 |
. शतभिषा |
07:56 |
जून 8,2026
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09:09 |
कुम्भ |
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. जून 8 ,2026 |
पूर्वभाद्रपदा |
09:10 |
जून 9,2026 |
09:39 |
मीन |
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. जून 9,2026 |
उत्तराभाद्रपदा |
09:40 |
जून 10,2026
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09:21 |
मीन
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जून 10,2026
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रेवती |
09:22 |
जून 11,2026 |
08:16 |
मीन
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विशेष रूप से किसी भी व्यक्ति को दक्षिण दिशा की ओर यात्रा करने से बचना रखना चाहिए . मकान निर्माण और दुकान पर छत डालना नहीं चाहिए l लकड़ी वाला चारपाई और बांस में चटाई, दीवार का निर्माण,नहीं ही खरीद कर लाना चाहिए l तांबा, पीतल और तृण का संचय निषेध होता हैं l किसी प्रकार गृह प्रवेश, वधू प्रवेश, मुंडन, उपनयन संस्कार वर्जित माना गया है l सभी प्रकार शुभ कार्यों को वर्जित माना जाता हैं l पंचक शान्ति करवानी चाहिए l किसी घर में किसी व्यक्ति मृत्यु हो जाए तो मृतक के साथ कुश घास के पांच पुतले को जलाना चाहिए l
