गण्डमूल नक्षत्र मास 8 /2026
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प्रारम्भ तिथि |
नक्षत्र |
समय |
समाप्त तिथि |
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3-8-2026 |
रेवती |
22:00
से 21:54 |
4-8-2026 |
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4-8-2026 |
अश्विनी |
21:55
से 21:19 |
5-8-2026 |
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12 -8-2026 |
अश्लेषा |
08:00
से 06:07 |
13-8-2026 |
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13-8-2026 |
मघा |
06:08 से 04:39 |
14-8-2026 |
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21-8-2026 |
ज्येष्ठा |
11:53 से14:49 |
22-8-2026 |
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22-8-2026 |
मूला |
14-50 से17:45 |
23-8-2026 |
गंडमूल नक्षत्र: रेवती, अश्विनी, आश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल नक्षत्रों को गंडमूल नक्षत्र कहा जाता है। इन नक्षत्रों के विशेष चरणों में जन्म लेने वाले बच्चे का जीवन, स्वास्थ्य और परिवार में माता-पिता की आयु व सुख-समृद्धि पर प्रभाव पड़ता है। यदि बच्चा अपने अच्छे कर्मों के कारण जीवित रहता है, तो उसे भूमि, वाहन, धन-संपत्ति आदि का सुख प्राप्त होता है। गंडमूल नक्षत्र में जन्मे बच्चे की शांति-पूजा लगभग 27 दिन बाद उसी नक्षत्र के आने पर करवानी चाहिए। यदि उस समय यह संभव न हो, तो अगले नक्षत्र के समय या अगले जन्मदिन के आस-पास शांति-पूजा अवश्य करवानी चाहिए। इन नक्षत्रों के दौरान शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है।
अगस्त के लिए पंचक तिथियां(सन 2026)
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. 31-7-, 2026 |
शतभिषा |
19:26. |
.1-8- , 2026 |
22:45 |
कुंभ राशि |
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1-8- 2026 |
पूर्वभाद्रपदा. |
22:46 |
2-8-,2026
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21:37 |
कुम्भ |
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.3- 8- ,2026 |
उत्तराभाद्रपदा |
21:38 |
4-8 -,2026 |
21:54 |
मीन |
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. 27-8-,2026 |
धनिष्ठा |
13:36 |
28-8-,2026
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26:15 |
मीन |
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28-8-,2026
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रेवती शतभिषा |
26:16 |
29-8- 2026 |
27:13 |
मीन |
29-8-26 पूर्वभाद्रपदा. 27:14 30-8-26 27:42
30-8-26 उत्तराभाद्रपदा 27:43
31-8-26 27:44
31-8-26 रेवती 27:45 1-9-26 27:24