18 जून 2021 बृहस्पति वक्री गति से कुम्भ राशि में गोचर करेंगे। भारतीय समय 8 बजकर 20 मिनट पर शतभिषा नक्षत्र में स्थित में होंगे । कुम्भ राशि के स्वामी शनि हैं। शनि -मंगल समसप्तक योग का निर्माण कर रहे।जिसके कारण देश मे अग्निकाण्ड, सम्प्रदायिक उपद्रव, देशद्रोही तत्वों के घटनाओं, सरकार को परेशानी होगी।जम्मू कश्मीर,छत्तीसगढ़,उत्तराखंडमें उग्रवादियों से अशांति फैलेगी ।बृहस्पति बुद्धिमान, ज्ञान,धर्म, बड़े भाई, भगवान की ध्यान, न्याय,न्यायालय, पति, सहित्य, दार्शनिकता, धन , पुत्र ,बच्चों, पीलेरंग, सात्विक विचारों, ब्राह्मण,गुरु, नैतिक मूल्यों, संस्कृति, वेद,शादी, पेय पदार्थों का प्रतिनिधित्व करते हैं।धनु और मीन राशि के स्वामी है।
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शुक्र 22 जून 2021 कर्क राशि गोचर करेगें। शुक्र -मंगल के साथ युति करेगें। इस दौरान मंगल अपनी नीच राशि मे है।शुक्र जन्म चन्द्रमा से पहले, दूसरे, तीसरे, चौथे, पंचम, आठवें, नौवें,ग्यारहवें और बारहवें घर में शुभ परिणाम देते हैं बाकी के घरों में अच्छे परिणाम नही देते है। शुक्र वैवाहिक जीवन, इच्छाओं की पूर्ति, सुख साधनों, वाहन, शादी के अवैध संबंध, का प्रतिनिधित्व करते है।सूर्य-शनि का षडष्टक योग, महामारी, और कई प्रकार की अन्य बीमारियो, प्रकृतिक आपदाओं, ग्रहो की स्थिति तूफान,वर्षा, समुन्दर तूफान, चक्रवात, के योग बना रहे है। पहाड़ी इलाकों में चट्टानों के खिसकने, अग्निकाण्ड, के संकेत मिल रहे है राजस्थान,पंजाब,बिहार,उत्तराखंड हिमाचलप्रदेश में यह घटनाओं घट सकती हैं।
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2 जून 2021 को मंगल कर्क राशि मे गोचर करेंगे। भारतीय मानक समय 8 बजकर 41 मिनट पर पुनर्वसु नक्षत्र में स्थित हैं। मंगल -शनि समसप्तक योग बना रहे है।मंगल -शनि दोनों ही जल राशि मे गोचर कर रहे हैं। वातावरण में उपद्रव, जैसे अधिक बरसात,बाढ़,समुंद्री तूफान, खड़ी फसलो को हानि, चीन सीमाओँ अशान्ति, नेपाल,पाकिस्तान,जम्मूकश्मीर सीमाओँ क्षेत्रों में युद्ध जैसे हालात ,पहाड़ी इलाकों चट्टानों के खिसकना,भूकंप, घटनाओं का समावेश होगा।मंगल पैतृक संपत्ति, बीमारी,शल्यचिकित्सा, अग्नि,भूमि, रक्षामंत्रालय, पुलिस विभाग, गणित, सेनाओं, दवाओं, शक्ति, वाणिज्य, धातु व्यापार, हथियार, विद्रोह, हिंसा, खेल, मंगल अग्नि तत्व , मंगल कर्क राशि नीच राशि हैं।चौथा घर हमारे ह्रदय, छाती, फेफड़ों, पेट का ऊपरी ,अस्थमा, छाती, खूनी धमनियों, तपेदिक, दौरों, का प्रतिनिधित्व करता है। मंगल तीसरे, छठे, और ग्याहरवें घर अच्छे परिणाम देते है।
15 जून 2021 संक्राति वाले दिन 3 बजकर 15 मिनट पर मृगशिरा नक्षत्र में स्थित मिथुन राशि गोचर करेगे।शनि और मंगल दोनों ग्रह जल राशि में गोचर कर रहे।शनि -मंगल का समसप्तक योग का निर्माण कर रहे हैं जिसके कारण चीन,पाकिस्तान,नेपाल ,जम्मू कश्मीर की सीमाओं पर अशान्ति,प्राकृतिक आपदाओं, अग्निकांड,उपद्रव, हिंसा , सामाजिक, हिंसक घटनाओं,शरारती तत्वों, देशद्रोही तत्वों अधिक समावेश होगा।सूर्य आत्मा, शरीर, वृद्धावस्था, पिता, भूमि, शक्ति, ऊर्जा, के कारक हैं। तीसरा घर मनुष्य के घर का प्रवेश द्वार होता है। शारीरिक शक्ति,उत्साह, ऊर्जा सिस्टम, गले, भुजाओं की शक्ति, भोजन नली, दिमागी शक्ति,तन्तुओं संचालन, व्यवहार, छोटी यात्राओं, जीवनशैली, छोटे भाई और बहनों का स्थान हैं।
पंचक नक्षत्र जून महीने 2021
प्रारम्भ की तिथि | समय | नक्षत्र का नाम | समाप्ति की तिथि | समय |
01:06-2021 | 00:05 | धनिष्ठा | 01-06-2021 | 16:07 |
01-06 -2021 | 16:08 | शतभिषा | 02-06-2021 | 17:01 |
02-06-2021 | 17:02 | पूर्वभाद्रपद | 03-06-2021 | 18:37 |
03-06-2021 | 18:38 | उत्तरभाद्र पद
| 04-06-2021 | 20:46 |
04-06-2021 | 20:46 | रेवती | 05-06-2021 | 23:29 |
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गण्डमूल नक्षत्र मास जून
2021
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आरंभकाल तिथि
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नक्षत्र
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समय
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समाप्ति तिथि
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समय
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1
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4-6-2021
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रेवती
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20:50
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5-6-2021
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23:29
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2
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5-6-2021
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अश्विनी
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23:30
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7-6-2021
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02:27
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3
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14-6-2021
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अश्लेषा
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20:34
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15-6-2021
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21:38
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4
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15-6-2021
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मघा
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21:39
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16-6-2021
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22:11
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5
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23-6-2021
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ज्येष्ठा
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11:47
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24-6-2021
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09:11
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6. 24-6-2021 मूला 09:12 25-6-2021 06:40
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