गण्ड मूल नक्षत्र जनवरी
2021
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प्रारम्भ की तिथि
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समय
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नक्षत्र का नाम
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समाप्ति की तिथि
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समय
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01-01-2021
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20:15
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अश्लेषा
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02-01-2021
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20:17
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02-01 -2021
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20:18
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मघा
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03-01 -2021
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19:57
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10-01-2021
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09 :10
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ज्येष्ठा
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11 -01 -2021
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09:10
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11-01-2021
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09:11
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मूला
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12-01 -2021
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07 :38
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19 -01 -2021
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09 :55
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रेवती
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20 -01 -2021
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12 :36
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20 -01 -2021
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12 :37
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अश्विनी
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21 -01-2021
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15:37
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https://panchaangastro.blogspot.com/2019/08/blog-post_6.html
4 जनवरी 2021 कोभारतीय मानक समय शुक्र ग्रह धनु राशि में गोचर करेंगे।इस समय शुक्र मूल नक्षत्र में स्थित है।राशि के स्वामी बृहस्पति और नक्षत्र के स्वामी केतु है।शुक्र का गोचर 25 दिनों के लिए है। शुक्र का गोचर जातक के जन्म चन्द्र से पहले,दूसरे,तीसरे,चौथे ,पंचम,आठवें, नवम ,ग्यारह, और बारहवें भाव मे शुभ फल देता है यदि आठवें,नवम, सातवें, पहले और छठे ,तीसरे में चन्द्रमा के अतिरिक्त कोई ग्रह न हो। नवम भाव भाग्यस्थान होता हैं। गुरु,पिता, स्वास्तिक, आग्नितत्व, पुनर्जन्म के कर्मो , ,धार्मिक, पूर्व दिशा का स्थान माना जाता हैं।शुक्र कारक पति,पत्नी, प्रेम सम्बंध, खुशियों, कामेच्छाओं, संभोग, शादी, संगीत, गीत,कला आदि कारक है।शनि -नीच का बृहस्पति दोनों जल राशि में स्थित हैं।जोकि राजैनतिक जोकि राजैनतिक परस्पर विरोधी में होगें। सूर्य-बुध और शुक्र तीनों धनु राशि मे स्थित होने से देश मे सम्प्रदायों और धार्मिक समस्याओं उत्पन्न होंगे जिसके सरकार उचित कदम उठाने पड़ेगे। देश के स्थानों पर रक्तपात और भूंकम्प आदि घटनाओं घटित होगी।
https://knowtransit.blogspot.com/2020/08/on-january-4-2021-venus-will-transit-in.html
5 जनवरी 2021 को भारतीय मानक समय 05 बजकर 17 मिनट पर बुध मकर राशि मे अस्त होकर गोचर करेगें। बुध ग्रह उत्तरषाढ़ा नक्षत्र में स्थित है।उत्तरषाढ़ा नक्षत्र के स्वामी सूर्य और राशि स्वामी शनि देव हैं। बुध ग्रह कारक हैं दूर-संचारमाध्यमों,शिक्षा, ज्ञान इंद्रियों, लेखक,प्रकाशन,लेखन,बुद्धिजीवी,बुद्धिमता, ज्योतिषशास्त्रों, विज्ञापन, वाणिज्य और व्यापार, भाषाओं निपुणता, मानसिकतनाव के कारक है।शनि-बृहस्पति-बुध की युति और सूर्य-शुक्र धनु राशि मे स्थित हैं। ग्रहों की युति के आधार राजैनतिक बिन्दु मध्य नजर से देश में नये योजनाओं कार्यविन्त होंगे। देश आर्थिकस्थिति में मन्द होगी।धर्म अधिकारी-कर्मा -संचार माध्यमों को एक सत्ता द्वारा निर्धारित होगा। जो कोई भी ग्रह अपनी अस्त अवस्था मे उनके प्रभाव अति उग्र रूप में प्रतिपादित करता है।यदि जन्म कुंडली मे अच्छा होगा।उसके प्रभाव कम हो जाएंगे।जन्मकुंडली में खराब होगा और बुरे प्रभाव देगा।
https://knowtransit.blogspot.com/2020/09/on-january-5-2021-mercury-will-transit.html
पंचक नक्षत्र मास जनवरी 2021
प्रारम्भ की तिथि | समय | नक्षत्र का नाम | समाप्ति की तिथि | समय |
10:01-2021 | 10 :50 | ज्येष्ठा | 11-01-2021 | 09:10 |
15-01 -2021 | 05:05 | धनिष्ठा | 16-01-2021 | 05:17 |
16 -01 -2021 | 05 :18 | शतभिषा | 17-01-2021 | 06:09 |
17 -01-2021 | 06 :10 | पूर्वाभाद्रपद
| 18-01-2021 | 07 :43 |
18-01-2021 | 07:44 | उत्तरभाद्रपद | 19-01-2021 | 09:54 |
19-1-2021 | 09:55 | रेवती | 20-01-2021 | 12:36 |
https://panchaangastro.blogspot.com/2019/07/blog-post_14.html
जनवरी 7,2020 को भारतीय मानक समय 19 बजकर 58 मिनट मकर राशि मे 08:13 अंश अस्त होने जा रहे है।शनि उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में स्थित हैं। उत्तरषाढ़ा नक्षत्र के स्वामी सूर्य हैं। शनि उस समय नष्ट या अस्त होते हैं।जब कोई ग्रह सूर्य के निकट आ जाते है। मकर राशि मे बुध और शनि दोनो ही अस्त है बृहस्पति भी इस समय नीच राशि मे है उसके मंगल की दशम दृष्टि से देखना ।देश मे सम्प्रदायों , धर्मिक, घटनाएं घटित होगी।भूकंप और रक्तपात जैसे उपद्रव घटित होगी।मंगल की दृष्टि सूर्य और शुक्र पर होगी।राजनैतिक व्यक्ति की मृत्यु से देश मे अहिंसा और आगजनी घटनाएं भी होगी।देश मे आर्थिकस्थिति हालात खराब होगी।जिससे भुखमरी, जनता परेशानी होगी।शनि की दृष्टि उत्तर दिशा और पश्चिमी देशों उपद्रव,समुंद्री तूफान, भूकंप आदि घटनाएं घटित होगी।
https://knowtransit.blogspot.com/2020/08/on-january-7-2021-saturn-will-be.html
जनवरी 14,2021 को भारतीय मानक समय 07:36 मिनट सूर्य मकर राशि मे गोचर करेगें।सूर्य उत्तरषाढ़ा नक्षत्र के दूसरे चरण में स्थित हैं।शनि मकर राशि के स्वामी हैं।शनि-बृहस्पति-चन्द्र-बुध पहले से विद्यमान है।मंगल की दशम दृष्टि सूर्य-शनि-बृहस्पति-बुधऔर चन्द्र पर है।जो भंयकर प्राकृतिक आपदाओं के सूचक है एवं कुछ उत्तरभागीय प्रान्तों ,सीमा क्षेत्र प्रांतों तथा मुस्लिम राष्ट्रों में उग्रवाद से भारी जनधनहानि के योग हैं। आर्थिक मंदी के कारण मंहगाई कंट्रोल पाना सरकार के लिए कठिन है।कश्मीर, आसाम, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में उग्रवादी घटनाओं से धनजनहानी के संकेत है।
https://knowtransit.blogspot.com/2020/11/on-january-142021-sun-transit-in.html
15 जनवरी 2021 को बृहस्पति श्रवण नक्षत्र में स्थित 03 बजकर 28 मिनट मकर राशि मे अस्त होने जाएगे । इस दौरान बृहस्पति सूर्य-शनि-बुध-चन्द्र की युति में मकर राशि मे स्थित हैं।भंयकर प्राकृतिक आपदाओं के सूचक है कुछ उत्तरी भागों प्रांतों ,सीमाएँ प्रांतों ,मुस्लिम राष्ट्र में उप द्रव से भारी धन जन हानि के योग बन रहे। मंहगाई पर कंट्रोल पाना मुश्किल होगा। कश्मीर, आसाम, उत्तराखंड, एवं छत्तीसगढ़ में उपद्रव से भारी होगी।
https://knowtransit.blogspot.com/2020/05/on-january-152021-jupiter.html
25 जनवरी 2021 को बुध धनिष्ठा नक्षत्र में स्थित भारतीय मानक समय 12बजकर 37 मिनट पर कुम्भ राशि मे गोचर करेंगे।शनि की राशि मे बुध मंगल के नक्षत्र में स्थित है।सूर्य-बृहस्पति-शनि की युति में मकर राशि मे स्थित हैं।इस समय शनि-बृहस्पति अस्त स्थिति में है।कि प्रधान नेतृत्व को बड़े ही भयंकर स्थितियों से गुजर पड़ेगा। कर्मेश-धर्मेश अस्त स्थिति में है। बुध ग्रह कारक बुद्धि, शिक्षा,एस्ट्रोनॉमी, पत्रकारिता, लेखक,लेखन, कम्युनिकेशन माध्यम, मामा,मौसी, चचेरे भाई-बहनों के कारक ग्रह बुध है।
https://knowtransit.blogspot.com/2020/10/on-january-282021-venus-wiill-transit.html
28 जनवरी 2021 को शुक्र ग्रह भारतीय मानक समय 03 बजकर 35 मिनट पर उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में मकर राशि मे गोचर करेगें।शनि-सूर्य-बृहस्पति के साथ युति में होंगे। मंगल ग्रह अपनी दशम दृष्टि से सूर्य-शनि-बृहस्पति-शुक्र को देंगे।ग्रहो की इस युति और मंगल की दृष्टि से राजनेताओं के लिए संघर्षपूर्ण स्थिति का निर्माण कर रहे हैं।और प्रधान नेताओं को देश की धार्मिक और साम्प्रदायिक कठिन समस्याओं से निपटने के लिए उचित कदम उठाने पड़ेगे।देश मे कही पर हिंसा से रक्तपात के द्वारा अशान्ति और भूकंप आदि प्राकृतिक आपदाओं से हानि होगी।
https://knowtransit.blogspot.com/2020/10/on-january-282021-venus-wiill-transit.html
30 जनवरी 2021 को बुध ग्रह वक्री गति से भारतीय मानक समय 16 बजकर 44 मिनट पर धनिष्ठा नक्षत्र में कुंभ राशि मे गोचर करेगें।शनि-सूर्य-बृहस्पति -शुक्र मकर राशि मे युति में हैं। मंगल ग्रह अपनी दशम दृष्टि से सूर्य-शनि-बृहस्पति-शुक्र को देंगे।ग्रहो की इस युति और मंगल की दृष्टि से राजनेताओं के लिए संघर्षपूर्ण स्थिति का निर्माण कर रहे हैं।और प्रधान नेताओं को देश की धार्मिक और साम्प्रदायिक कठिन समस्याओं से निपटने के लिए उचित कदम उठाने पड़ेगे।देश मे कही पर हिंसा से रक्तपात के द्वारा अशान्ति और भूकंप आदि प्राकृतिक आपदाओं से हानि होगी।
https://knowtransit.blogspot.com/2020/09/on-january302021-mercury-will.html
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