1. गण्डमूल नक्षत्र नवम्बर महीने 2020
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प्रारम्भ की तिथि
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समय
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नक्षत्र का नाम
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समाप्ति की तिथि
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समय
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8 -11 -2020
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08:46
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अश्लेषा
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9 -11 -2020
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08 :42
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9 -11 -2020
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08 :43
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मघा
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10 -11 -2020
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07 :57
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16 -11 -2020
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14 :37
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ज्येष्ठा
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17 -11 -2020
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12 :21
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17 -11 -2020
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12 :22
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मूला
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18 -11 -2020
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10 :40
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25 -11 -2020
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18 :21
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रेवती
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26 -11 -2020
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21 :21
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26 -11 -2020
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21 :22
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अश्विनी
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28 -11 -2020
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00 :24
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https://panchaangastro.blogspot.com/2019/08/blog-post_6.html
2. पंचक नक्षत्र मास नवम्बर 2020
प्रारम्भ की तिथि | समय | नक्षत्र का नाम | समाप्ति की तिथि | समय |
21 -11-2020 | 22 :26 | घनिष्ठा | 22-11 -2020 | 11:08 |
22 -11 -2020 | 11-09 | शतभिषा | 23 -11 -2020 | 13 :05 |
23 -11 -2020 | 13 :06 | पूर्वाभाद्रपद | 24 -11 -2020 | 15:31 |
24 -11-2020 | 15 :32 | उत्तरभाद्रपद | 25-11-2020 | 18 :20 |
25 -11-2020 | 18 :21 | रेवती | 26 -11 -2020 | 21:21 |
| 16नवम्बर | 2020 |
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https://panchaangastro.blogspot.com/2019/07/blog-post_14.html
3. 16 नवम्बर 2020 को सूर्य वृश्चिक राशि मे गोचर करेगें।
16 नवम्बर 2020 को सुबह 6 बजकर 15 मिनट सूर्य वृश्चिक राशि मे गोचर करेगे। इस समय सूर्य विशाखा नक्षत्र में स्थित हैं।विशाखा नक्षत्र के स्वामी बृहस्पति है। सूर्य -चन्द्र-केतु का राहु के साथ समसप्तक एवं शनि की मंगल पर दृष्टि देश की राजनीति में अघटित घटनाओं को जन्म देगी। राजैनतिक दलो में एकरूपता न होने से देश के नेता किंकर्तव्यविमूढ़ से रहेंगे।लेकिन बृहस्पति-शनि की स्थिति प्रधान नेता को समस्याओं के समाधान में सहायक सिद्ध होगी। देश की गरिमा की रक्षा हेतु सैन्य संगठन अति आवश्यक है। परन्तु नीच का चंद्रमा प्राकृतिक प्रकोप का संकेत दे रहा है। भारत के कुछ प्रान्तों में साम्प्रदायिक उलझने सिर उठाएंगी।जिसके सरकार को कठोर कदम उठाने पड़ेगे।हिमाचलप्रदेश में भूभाग में हिमपात एवं उत्तर भारत धुन्ध से अनेक प्रकार घटनाएं घटित होगी। फसलो को हानि भी होगी।
https://knowtransit.blogspot.com/2020/07/on-november-162020-sun-transit-in.html
4. 16 नवम्बर 2020 मंगल मार्गी होकर मीन राशि मे गोचर करेगें।
16 नवम्बर 2020 सुबह 07 बजकर 58 मिनट पर मंगल ग्रह मार्गी होकर मीन राशि मे गोचर करेंगे। मंगल ग्रह इस समय रेवती नक्षत्र में स्थित है। रेवती नक्षत्र के स्वामी बुध ग्रह हैं।मीन राशि के स्वामी बृहस्पति है। मंगल ग्रह मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी हैं। मंगल दक्षिण दिशा का प्रतिनिधित्व करते है।जलतत्त्व राशि मे गोचर करेगे। कालपुरुष कुण्डली का बारह घर मोक्ष द्वार हैं।खर्चो ,बीमारी, हानि, शरीरिक और मानसिक शक्ति, भूमि से उत्पादन, स्थाई निवेश, हमारे जीवन मे मंगल ग्रह प्रतिनिधित्व साहस, इच्छा ,विशेष योग्यता, स्कैंडल, बीमारी,शत्रुओं, विरोधी,हथियार, सेनापति, युद्ध,भूमि,दुर्घटना,स्थाई सम्पति, नेताओं, पुलिस,डॉक्टर, मेकेनिकल इंजिनीरिंग आदि। शनि की दृष्टि मंगल ग्रह पर हैं।सूर्य-चन्द्र-केतु -राहु का समसप्तक योग और शनि-मंगल दोनों की दृष्टि समसप्तक योग के ऊपर है।जिसके कारण देश सम्प्रदायिक उपद्रव, आगजनी की घटनाएं, पर्वतीयक्षेत्रों में हिमपात और फसलों का नष्ट होना।राजैनतिक पार्टियों में एकजुट की कमी होगी। शासन व्यवस्था के लिए कठिन समस्याओं पर नियंत्रण करने केलिए सेना का सहारा लेना पड़ सकता हैं।
https://knowtransit.blogspot.com/2020/08/on-november-16-2020-mars-will-transit.html
5. 16 नवम्बर 2020 को शुक्र तुला राशि मे गोचर करेगें।
16 नवम्बर 2020 रात्रि 11 बजकर 29 मिनट पर शुक्र ग्रह तुला राशि मे गोचर करेंगे। शुक्र ग्रह इस समय चित्रा नक्षत्र में स्थित है। चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह हैं।तुला राशि के स्वामी शुक्र है। शुक्र ग्रह वृषभ और तुला राशि के स्वामी हैं। शुक्र दक्षिण-पूर्व दिशा का प्रतिनिधित्व करते है।वायुतत्व राशि मे गोचर करेगे। कालपुरुष कुण्डली का सातवां घर हैं जीवनसाथी , व्यवसाय पाटर्नर, इच्छा, काम वासनाओं, विवाह,संगीत, सुगंध, सौन्दर्य, विलासिता, क्रय-विक्रय, आभूषण , साझा का व्यवसाय, हमारे जीवन मे शुक्र ग्रह प्रतिनिधित्व करता है।भारत के लिए मकर राशि मे शनि शुभ है।शनि की मंगल की दृष्टि होने से दुर्भिक्ष स्थिति,सत्ताहस्तान्त्रण हो, किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति के जीवन का भय है।शनि-मंगल की शुक्र-बुध दृष्टि है।सूर्य -समसप्तक योग चल रहा है सम्प्रदायिक उलझने पेश आये।यवनों देशों एवं अमेरिका आदि प्रकृतिक प्रकोप से हानि हो। सरकार को कुछ प्रांतो में शांति के कठोर कदम उठाने पड़ेगा।
https://knowtransit.blogspot.com/2020/07/on-november-162020-venus-will-transit.html
6. 20नवम्बर 2020 को बृहस्पति मकर राशि मे गोचर करेंगे।
20 नवम्बर 2020 12बजकर 42 मिनट पर बृहस्पति ग्रह मकर राशि मे गोचर करेंगे। बृहस्पति ग्रह इस समय उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के दूसरे चरण में स्थित है। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के स्वामी सूर्य ग्रह हैं।मकर राशि के स्वामी शनि है। बृहस्पति ग्रह धनु और मीन राशि के स्वामी हैं। बृहस्पति उत्तर-पूर्व दिशा मकर राशि दक्षिण का प्रतिनिधित्व करते है।पृथ्वीतत्व ,जल राशि मे गोचर करेगे। कालपुरुष कुण्डली का दशम घर हैं व्यवसायऔर उसकी स्थिति , सम्मान, अच्छे विचार, पितामहा, पति, गुरु, बड़े भाई बहनों हमारे जीवन मे बुद्धिमता, मोटापा, धार्मिक, परमात्मा में आस्था, सीनियर व्यक्ति, बड़े भाई बहन, धार्मिक स्थल, दार्शनिक, धन वैभव , फलदार वृक्ष, पीलेवस्त्र, पुखराज, अच्छा व्यवहार, शास्त्रों, ब्राह्मण, वेद शास्त्र, दयालुता, खुशियाँ,सभी दिशाओं में वृद्धि पुत्र का कारक, गर्भावस्था, बृहस्पति ग्रह प्रतिनिधित्व करते हैं।शनि-मंगल की शुक्र-बुध पर दृष्टि है, सूर्य-राहु का समसप्तक योग भी बना है।जोकि यवनों देशों एव अमेरिका आदि में कही प्राकृतिक प्रकोप से हानि हो सकती है।भारतवर्ष के कुछ प्रान्तों साम्प्रदायिक हिंसा होगी और उसके सरकार को कठोर कदम उठाने पड़ेगे।हिमाचल प्रदेश और पर्वतीय क्षेत्रों में भूभाग में हिमपात और उत्तर में धुन्ध से दुर्घटनाओं होगी।
https://knowtransit.blogspot.com/2020/07/on-november-202020-jupiter-will-transit.html
7. 24 नवम्बर 2020 बुध तुला राशि मे अस्त होकर गोचर करेगें।
24 नवम्बर 2020 को 21 बजकर 03 मिनट को बुध ग्रह अस्त हो कर गोचर करेंगे।बुध इस दौरान विशाखा नक्षत्र में स्थित हैं।विशाखा नक्षत्र के स्वामी बृहस्पति हैं। बुध ग्रह उस समय होते हैं जब बुध ग्रह सूर्य के निकट होता हैं। बुध ग्रह हमारे जीवन बुद्धि, वाणी ,व्यवहार, शिक्षा, सीखने, गणित, लेखाजोखा, पोस्टमैन, ज्योतिष, मैडिकल ज्ञान, लिखाई, प्रकाशन,व्यवसाय के बिचौलियों, राजैनतिक बिचोलिये, नृत्य, मिश्रित चीजें, पेड़-पत्तियां,मामा-मासी आदि।कालपुरुष की कुंडली का सातवां स्थान हमारे जीवन विवाह, विवाहित जीवन ,विपरीत लिंग या जीवनसाथी, प्रेम सम्बंध, प्रेमी या प्रेमिका, क्रय और विक्रय , शादी में असफलता, पेट निचला हिस्सा,झगड़े, लड़ाई, विदेशी भूमि स्थापना, दुश्मन, गुप्त अंग रोग, अग्नि तत्व नक्षत्र ,इस समय जातक के हृदय में एक लालसा और ऊर्जा का निरन्तर गतिशील रखती हैं।विशाखा नक्षत्र का वर्ण राक्षस गण माना जाता हैं।नक्षत्र और राशि मूलतः मिश्रित स्वभाव दोहरा व्यक्तित्व, बुध ग्रह बच्चा का स्वरूप, स्वार्थी,कटुभाषी,अधोमुखी,शुक्र सुंदरता का प्रतीक है। 16 नक्षत्र और अंक 16 विनाशकारी,मानसिकपरेशानी,
शनि-मंगल की शुक्र-बुध पर दृष्टि है, सूर्य-राहु का समसप्तक योग भी बना है।जोकि यवनों देशों एव अमेरिका आदि में कही प्राकृतिक प्रकोप से हानि हो सकती है।भारतवर्ष के कुछ प्रान्तों साम्प्रदायिक हिंसा होगी और उसके सरकार को कठोर कदम उठाने पड़ेगे।हिमाचल प्रदेश और पर्वतीय क्षेत्रों में भूभाग में हिमपात और उत्तर में धुन्ध से दुर्घटनाओं होगी।
https://knowtransit.blogspot.com/2020/09/on-november-24-2020-mercury-will-be.html
28 नवम्बर 2020 सुबह 06 बजकर 39 मिनट बुध ग्रह अस्त अवस्था मे वृश्चिक राशि में गोचर करेंगे। 12 जनवरी 2021 तक अस्त अवस्था में रहेंगे। वृश्चिक राशि के मंगल ग्रह हैं।बुध -सूर्य-केतु के साथ युति करेगे।सूर्य-बुध-केतु -राहु का समसप्तक योग बन रहे है। शनि-मंगल ग्रह दोनों ही दृष्टि कर रहे है।बुध ग्रह इस समय विशाखा नक्षत्र के चौथे चरण में स्थित हैं।नक्षत्र के स्वामी बृहस्पति है।भारतवर्ष के कुछ प्रान्तों में साम्प्रदायिकदंगों के तनाव होगा ।सरकार को इन सभी से निपटाने के लिए कठोर कदम उठाने पड़ेगे। कही -कही खड़ी फसलों को हानि होगी।
https://knowtransit.blogspot.com/2020/09/on-november-28-2020-mercury-c-transit.html
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