11 दिसम्बर 2022 को शुक्र ग्रह वृश्चिक राशि मे गोचर करेगें।
11 दिसम्बर 2020 को भारतीय मानक समय 6 बजकर 03 मिनट पर शुक्र ग्रह वृश्चिक राशि मे गोचर करेगें। शुक्र इस समय विशाखा नक्षत्र में स्थापित है। विशाखा नक्षत्र चतुर्थ पद के स्वामी बृहस्पति हैं। वृश्चिकराशि के स्वामी मंगल ग्रह हैं। वृश्चिक राशि में सूर्य,बुध, केतु ग्रह विद्यमान है। आत्मा, शक्ति, मोक्ष, संचार, सुंदरता का प्रवेश हैं। भचक्र में ये 16वां नक्षत्र है। 16 अंक को विपत्ति,मानसिक संताप को जोड़ा जाता है।विशाखा नक्षत्र का प्रभाव 45 से 50 वर्ष की आयु में दिखता है।कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त करता है। तीन ग्रह ज्येष्ठा नक्षत्र में स्थित हैं।जिसके स्वामी बुध ग्रह है।शुक्र+बुध+सूर्य+केतु का राहु का समसप्तक योग बना हुआ है।अतः कही स्थानों पर वर्षा और वायु की विषमता से खड़ी फसलों को हानि होगी।शनि की दृष्टि की वजह से तथा बृहस्पति अपनी नीचस्थ होने के कारण कही स्थानों पर दुर्भिक्ष,उग्रवाद की घटनाओं के योग बन रहे हैं।साम्प्रदायिक दंगे बढेगा।फसलों के खराब होने से अनाज की कमी देखने को मिलेगी।
15दिसंबर 2022 सूर्य धनुराशि में गोचर करेंगे।
15 दिसम्बर 2020 को भारतीय मानक समय 20 बजकर 48 मिनट पर सूर्य ग्रह धनु राशि मे गोचर करेगें। सूर्य इस समय मूल नक्षत्र में स्थापित है। मूल नक्षत्र चतुर्थ पद के स्वामी केतु हैं। धनु राशि के स्वामी बृहस्पति ग्रह हैं। वृश्चिक राशि में सूर्य,चन्द्र ग्रह विद्यमान है। मन-आत्मा का प्रवेश हैं। भचक्र में ये 19 वें नक्षत्र है। 19अंक को आद्योपांत, लौकिक सुख,प्रभु का सच्चा सुख पाने की कोशिश के साथ जोड़ा जाता है। सूर्य मूल नक्षत्र में है चन्द्र भी मूल नक्षत्र में स्थित हैं। ।बृहस्पति और शनि द्वितीय भाव मे स्थित है।किसी दुःखद घटना से परेशानी बनेगी।शनि की दृष्टि मंगल पर है जिससे उग्रवादीजन्य घटना से जनधनहानि की भी सम्भावना बनती दिखाई दे रही। हैं।व्यापारीवर्ग में सरकारी शासन तन्त्र के प्रति जनसाधारण असुन्तुष्ट रहेगा।ओद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार की योजना आर्थिक संकट से जूझे।प्राकृतिक प्रकोप से पर्वतीय भूभाग में हानि के योग बन रहे है। बुध + शुक्र+केतु का अतः कही स्थानों पर वर्षा और वायु की विषमता से खड़ी फसलों को नुकसान होगा।शनि की दृष्टि की। कारण से और बृहस्पति अपनी नीचस्थ होने के कारण कही स्थानों पर दुर्भिक्ष, उग्रवाद की घटनाओं के योग बन रहे हैं।साम्प्रदायिक दंगे बढेगा।फसलों के खराब होने से अनाज की कमी देखने को मिलेगी।
27 दिसंबर 2022 को 20 बजकर 12 मिनट पर बुध ग्रह मकर राशि में गोचर करेगा। राशि। बुध उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में स्थित है, सूर्य उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी है। अब बुध शनि के साथ युति कर रहा है। मकर राशि का स्वामी शनि है। मंगल वृष राशि में है मंगल सूर्य की दृष्टि में है- शुक्र धनु राशि में है और शनि मकर राशि में बृहस्पति पर विशेष दृष्टि है। एक राजनीतिक दल लोगों को लाभ और वोट को पैसा दे रहा है। किसान नेता के खिलाफ हैं। कई राज्यों में साम्प्रदायिक घटनाएं, भूकंप, प्राकृतिक दृश्य, बाजार मूल्य में वृद्धि और आर्थिक गिरावट देखी जाती है। मण्डल क्षेत्र पर युद्ध के हालात बनेंगे।
https://knowtransit.blogspot.com/2022/09/on-december-27-2022-mercury-will-be.html
29 दिसंबर 2022 को शुक्र ग्रह अपने मित्र शनि के गोचर मकर और वक्री बुध के साथ विलीन हो जाएगा। उस दिन पौष शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि
शुक्र ग्रह सूर्य के नक्षत्र उत्तराषाढ़ा के दूसरे चरण में स्थित है। मकर राशि में शनि और शुक्र, मकर राशि में बृहस्पति को लेकर राजनेताओं में मतभेद होंगे और संघर्ष होगा। जातिगत और साम्प्रदायिक भेद देश के भीतर सबसे अधिक दिखाई देंगे। इसके कारण कई तरह की समस्याएं उत्पन्न होंगी। सरकार को अच्छी नीतियों के साथ इन सभी को हल करने की आवश्यकता होगी। चुनाव में भी वोट बैंक पर खास नजर रहेगी। देश में राजनीतिक दलों में बदलाव देखने को मिलेगा। जलवायु परिवर्तन से सर्दी और बढ़ेगी। पर्वतीय क्षेत्रों में शीत लहर और हिमपात, हवा की गति से विखंडन की संभावना रहेगी। आर्थिक मंदी से बाजार में अनाज के दाम बढ़ेंगे
शुक्र राजा का वैभवशाली जीवन, दांपत्य सुख, विवाह, लिंग, वायु, ऐश्वर्य, सुख, प्रेम संबंध, सुंदर, आकर्षक, आकर्षक, वीर्य, चांदी, सुगंध, सुगंधित पदार्थ, शुभ कार्य, जल क्रीड़ा, शुभ और सुख का कारक है। सुंदर वस्त्र, रसीली सामग्री, नृत्य वादन, नृत्य, गाना बजानेवालों, व्यभिचार, वासनापूर्ण जुनून, कलात्मक योग्यता, खजाने पर कब्जा, अभिनय कौशल, शराब, रेलवे पेंटिंग, संगीतकार, वाहन, इंद्रिय सुख, हीरा, जर्किन, गुलाबी रंग शुक्र का प्रतिनिधित्व करता है, क्रीम रंग, घी, कपूर, चावल, सफेद वस्त्र, गाय, सफेद फूल, दूध, वायु, कफ, जननांग, मूत्र, वीर्य, उत्तेजना, जीव, महामारी रोग। मधुमेह, मूत्र संबंधी रोग, रक्त संबंधी रोग, सूजन, श्वेत प्रदर, गुप्त अंगों के रोग, महामारी में गड़बड़ी, गुर्दे की पथरी, बेहोशी के रोग शुक्र से मिलते हैं।
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