Monday, March 8, 2021

अप्रैल महीने 2021 की ज्योतिषीय रूप महत्वपूर्ण घटनाएं

 

            1.             6 अप्रैल 2021 बृहस्पति  में कुम्भ राशि में गोचर करेंगे।

           6अप्रैल 2021 बृहस्पति 01 बजकर 35 मिनट घनिष्ठा नक्षत्र में कुम्भ राशि में गोचर करेंगे। शनि की राशि और ग्यारहवें भाव में गोचर करेंगे।  विक्रम 2077 चैत्र मास कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि, सिद्धि योग, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दिन सोमवार है। सूर्य ,बुध,शुक्र मीन राशि में स्थित है और उसके शनि की दृष्टि है जो कि देश में दुर्भिक्ष स्थितियों का निर्माण करेगा। बृहस्पति कुम्भस्थन होने से जन-जीवनोपयोगी वस्तुओं में भारी वृद्धि होगी। अर्थव्यवस्था में गिरावट बनी रहेगी। राजस्थान,असम, जम्मू कश्मीर और बम्बई में तेज गति हवाएं चलने और खंड वृष्टि और उत्तर भारत गर्मी का प्रकोप बना रहेगा।

                           एकादश भाव लाभ स्थान,आय का स्त्रोत, बड़े भाई एवं बहन , धन का संग्रह, मित्र, शुभ समाचार, बाया कान, आभूषण,इच्छापूर्ति, एकादश भाव से जीवन की तरह का होगा। दादा-दादी, पति, बड़े भाई के बच्चों, पुत्र, प्रसिद्धि, बृहस्पति हमारे जीवन मे बुद्धि, आशावादी, उदार,सहनशीलता, बड़ी बड़ी योजनाओं, सामाजिक,सहजतापूर्ण कार्य,शील स्वभाव दूसरों को सम्मोहितकरने वाला व्यक्तित्व, धर्म,आध्यात्मिकता, भगवान की कृपा एवं आशीर्वाद,

                      बृहस्पति एक राशि में लगभग एक वर्ष तक रहता है। दशा चक्र की एक विशेष भूमिका भी निहित हैं और जो हमे कर्मो के अनुरूप ,कर्म फल से बाँधता हैं।हमारे कर्मो के अनुसार ही अच्छे एवं बुरे कर्म फल प्राप्त करने होते है।जन्म चंद्रमा से बृहस्पति का गोचर को देखते हैं बृहस्पति 2, 5 ,7,9 एवं 11 भाव में शुभ परिणाम देते हैं यदि 1,3,4,6,8,10 एवं 12 के ग्रह स्थिति न हो। जिस समय बृहस्पति 11वे भाव गोचर करते हैं।नवीन पद एवं सम्मान का लाभ, संतान का जन्म, व्यापार में वृद्धि,नौकरी पदोन्नति, मैथुन सुख,विवाह आदि के कार्य सम्पन्न होते है। बृहस्पति द्वारा यकृत सम्बंधित बीमारियां, कैंसर,पीलिया,मधुमेह आदि रोग संभावित होते हैं।

             https://knowtransit.blogspot.com/2020/12/jupiter.html

           2.       10 अप्रैल 2021 को शुक्र मेष राशि मे गोचर करेगें

             10 अप्रैल 2021 को शुक्र मेष राशि मे गोचर करेगें।भारतीय मानक समय पर 07:15 मिनट पर अश्विनी नक्षत्र में स्थित प्रवेश करेंगे। सूर्य-बुध-चन्द्र  की युति में होंगे शनि की दृष्टि सूर्य के ऊपर है। देश दुर्भिक्ष स्थिति बनेगी ।राहु -मंगल -केतु का समसप्तक योग और बृहस्पति कुम्भस्थन जीवन उपयोगी वस्तुओं में वृद्धि होगी।राजस्थान,असम,जम्मू कश्मीर, महाराष्ट्र में तेज हवाओं और खंड वृष्टि होने की सम्भावना है।।जन्मकुण्डली के चन्द्रमा का से 1,2,3,4,5,8,9,11 एवं 12 भाव में शुभ परिणाम देता है यदि 6,7,एवं 10 स्थान अशुभ होता हैं।शुक्र विवाह,धन-सम्पति, सुगंधित द्रव्य, बहुमूल्य परिधान,खुशियों,संतान,समृद्धि, परिवार खुशियां, आनंदमय,प्रसिद्ध,सुन्दर आवास,भूसम्पत्ति ,संगीत,गायन, शारीरिक सुख का,कामेच्छा एवं सार्वजनिक समारोह का कारक हैं। प्रथम भाव हमारा शरीर, शरीर गठन, सुंदरता स्थान है।मंगल ग्रह राशि के स्वामी ,शुक्र का प्रवेश ,शुक्र ग्रह सभी प्रकार आनन्द ,स्त्रियों से मित्रता, सुख,धन संपत्ति, विवाह, ,सुगंधित पदार्थों, परिधानों ,कला ,चित्रकला, सुख देता हैं।मधुभाषी,,दयावान,कला में निपुण, मोहक,संस्कृति बनाता है।शुक्र यदि निर्बली, विकृत,क्रमबद्ध हीन, विवाह देरी से देता है और विवाहित में अशान्ति करता है।

                https://knowtransit.blogspot.com/2021/01/on-april-10-2021-venus-will-transit-in.html

    3.                 12 अप्रैल 2021 को विक्रम 2078 का प्रारम्भ होगा

                 12 अप्रैल 2021 को विक्रम 2078 का प्रारम्भ होगा । सूर्य और चन्द्र दोनों ग्रह मीन राशि और रेवती नक्षत्र में स्थित हैं। भारतीय मानक समय 8 बजकर 01 मिनट तक ।हिन्दू शास्त्रों के अनुसार नव संवत्सर का प्रारम्भ होता है।ज्योतिष शास्त्र में एक दिन की गणना एक सूर्य उदय से दूसरे सूर्य उदय हुआ ।चूँकि प्रतिपदा ने सूर्योदय 13 अप्रैल 2021 को होगा।विक्रम संवत 2078 के राजा मंगल ग्रह है।इस विक्रम संवत मे छः पद क्रूर ग्रहों के पास है और 4 चार पद सौम्य ग्रहों के पास है। इस विक्रमी संवत 2078 शनि के कोई पद नहीं है। लोगों में विभिन्न प्रकार की बीमारियों एवं महामारी से ग्रसित होंगे। महंगाई में वृद्धि,राक्षसों जैसा आचरण,भय का वातावरण,राजनीतिक अस्थिरता, दुर्घटना,अपहरण,बलात्कार, अग्निशमन,प्राकृतिक प्रकोप,युद्ध जैसे स्थितियों का निर्माण, चोरी,ठगी,जैसी घटनाओं में वृद्धि होगी।

              भारतवर्ष में आंतरिक क्षेत्रों में साम्प्रदायिक दंगे,उग्रवादी घटनाओं, देश की आर्थिक मन्दी, अनिश्चितता को बढ़ावा मिलेगा। भारतवर्ष,नेपाल, पाकिस्तान,चीन ,ईरान और ईराक आदि देशों में राजैनतिक हिंसा बढ़ने से तनाव का मौहाल बनेगा।उपद्रव की घटनाओं की वृद्धि होगी। प्रधान नेतृत्व अपना निरंकुश एवं मनमानी करेगे।जिसके साधारण जनजीवन प्रभावित होगा।चीन सीमाओं पर उथल पुथल का माहौल बरकरार रहेगा।

              https://panchaangastro.blogspot.com/2020/10/2078.html

       4.             14 अप्रैल 2021 को मंगल  मिथुन राशि मे गोचर करेगें

                14 अप्रैल 2021 को मंगल  मिथुन राशि मे गोचर करेगें।भारतीय मानक समय पर 03:21 मिनट पर मृगशिरा नक्षत्र में स्थित प्रवेश करेंगे। सूर्य -शुक्र -चन्द्र  की युति में। देश दुर्भिक्ष स्थिति बनेगी ।शनि -मंगल  का षडाष्टक  योग और राहु-केतु समसप्तक बृहस्पति कुम्भस्थन जीवन उपयोगी वस्तुओं में वृद्धि होगी।राजस्थान,असम,जम्मू कश्मीर, महाराष्ट्र में तेज हवाओं और खंड वृष्टि होने की सम्भावना है।जन्मकुण्डली के चंद्रमा से मंगल  3रे,6वे और 11 वे भाव  में गोचर शुभ परिणाम देता है।मंगल के 1,2,4,5,7,8,9,10 और 12 भावों का गोचर अशुभ परिणाम देता है। नव संवत्सर 2078 के राजा मंगल ग्रह हैं।मंगल नीच आकांक्षी हैं।सूर्य -शुक्र का संबंध देश मे आधि-व्याधि की ओर संकेत दे रहा है।बृहस्पति कुम्भस्थन है जो देश के दक्षिणी भारत में साम्प्रदायिक उपद्रव एवं देशद्रोही वातावरण बना दिखाई दे रहा है।भारतवर्ष के पड़ोसी देशों जैसे चीन, पाकिस्तान तथा नेपाल सम्बंध में बिगड़ सकते  है। शनि -मंगल की स्थिति देश मे किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति का स्थान रिक्त करेगा। तीसरा स्थान मंगल  पराक्रम, साहस, छोटे भाई बहनो , घर का प्रवेशद्वार, नेता, निर्णयलेने सक्षम और दक्ष बनाता है।गर्म स्वभाव, शरीरिक और चारित्रिक दृढ़ता प्रदान करता हैं।शल्यचिकित्सा,सेना,पुलिस प्रमुख, अन्वेषण,यन्त्रकार, भूमि सम्पति का प्रधान करता है।सत्यनिष्ठा,कर्मठ भी प्रदान करता है।झगड़े,तनाव,विनाशकारी वृत्ति वाला, उर्जा शक्ति में कमी देता है।दुर्घटना,चोट,उग्रवादी प्रवृत्ति, काम इच्छा कमी देता है।यदि मंगल कमजोर स्थिति में हो।

            https://knowtransit.blogspot.com/2021/01/on-april-142021-mars-will-transit-in.html

      5.                 14 अप्रैल 2021 को सूर्य मेष राशि मे गोचर करेगें

              14 अप्रैल 2021 को सूर्य मेष राशि मे गोचर करेगें।भारतीय मानक समय पर 01:21 मिनट पर अश्विनी नक्षत्र में स्थित प्रवेश करेंगे। सूर्य -शुक्र -चन्द्र  की युति में। देश दुर्भिक्ष स्थिति बनेगी ।शनि -मंगल  का षडाष्टक  योग और राहु-केतु समसप्तक बृहस्पति कुम्भस्थन जीवन उपयोगी वस्तुओं में वृद्धि होगी।राजस्थान,असम,जम्मू कश्मीर, महाराष्ट्र में तेज हवाओं और खंड वृष्टि होने की सम्भावना है।जन्मकुण्डली के चंद्रमा से मंगल  3रे,6 वे,10वे  और 11 वे भाव  में गोचर शुभ परिणाम देता हैं। नव संवत्सर 2078 के राजा मंगल ग्रह हैं।मंगल नीच आकांक्षी हैं।सूर्य -शुक्र का सम्बंध देश मे आधि-व्याधि की ओर संकेत दे रहा है।बृहस्पति कुम्भस्थ है जो देश के दक्षिणी भारत मे सम्प्रदाययिक उपद्रव एवं देशद्रोही वातावरण बना दिखाई दे रहा है। भारतवर्ष के पड़ोसी देशों जैसे चीन, पाकिस्तान तथा नेपाल सम्बंध में बिगड़ सकते  है। शनि -मंगल की स्थिति देश मे किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति का स्थान रिक्त करेगा। सूर्य गोचर में 3,6,और 10 शुभ परिणाम देता है,अन्य भावों अशुभ प्रभाव देता है।सूर्य राशि में एक महीने तक गोचर करता है। कालपुरुष की प्रथम राशि मेष राशि हैं। लग्न भाव यही से आरंभ होता हैं।प्रथम भाव को तनु भाव कहते है।हमारा शरीर का गठन,स्वरूप,वर्ण, व्यक्तित्व, बाल्यावस्था, प्रारम्भिक जीवन, स्वास्थ्य और चरित्र, सामान्य समृद्धि, खुशी,विदेश गमन, गुण और अवगुण, मेष राशि का स्वामी मंगल, अश्विनी नक्षत्र इसके स्वामी केतु ,सूर्य एक दिन एक डिग्री चलता है।10° पर अपना प्रभाव देता है।सूर्य की मेष राशि उच्च का होता हैं ,सूर्य आत्मा ,व्यक्तित्व,अग्नितत्व ,पिता ,सोना,तांबा, दार्शनिक बुद्धि, सौरमण्डल का राजा, बीजो को पौधा बनाने का कार्य , त्वचा,डॉक्टर,राजा,गेहूँ, ,भगवान शिव, जजों, राजनेताओं, शासक,शासकीय, पंचम भाव का स्वामी, शल्यचिकित्सक, नेतृत्व, उच्च अधिकारियों, राजनयिकों का कारक सूर्य करता है।तुला में सूर्य नीच का होता है।

             https://knowtransit.blogspot.com/2020/11/on-april-142021-sun-will-be-transit-in.html

    6.            16 अप्रैल 2021 को बुध ग्रह  मेष राशि मे गोचर करेंगे।

              16 अप्रैल 2021 को बुध ग्रह भारतीय मानक समय 19:56 मिनट पर अश्विनी नक्षत्र में स्थित मेष राशि मे गोचर करेंगे। राशि के स्वामी मंगल ग्रह है जो विक्रम संवत 2078 के राजा और मंत्री दोनो पदों पर आसीन है।सूर्य-बुध-शुक्र की युति में होंगे। शनि -मंगल  का षडाष्टक योग का निर्माण कर रहे हैं।अग्निकांड, सीमा प्रांतों पर अतिक्रमण आदि से अशांति का वातावरण बनेगा।किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति की मृत्यु से शोक व्याप्त होगा।पूर्वी असम,बिहार,बंगाल और वर्मा के कुछ क्षेत्रों में बदलचाल ,खंड वृष्टि के योग के संकेतहै। बुध अपनी अस्त होने से हैं।बुध ज्ञान,चुस्त,चपल,चौकाने निर्णय, तीक्ष्ण बुद्धि,वाचाल,बनाता है।कई भाषाओं में निपुणता,वाणिज्य,कला,संचार में दक्षता देता है।लेखन कुशलता,अच्छा वक्ता, सम्मोहित करने वाला,राजनीतिक कौशल, दोहरा व्यवहार वाला, विपरीतलिंगी में प्रसिद्ध,अच्छी स्मरण शक्ति बनाता है। बुध एक राशि लगभग एक महीने रहता है।बुध द्वितीय,चतुर्थ, षष्टम, अष्टम,एवं दशम भावों अच्छे फल देता है।बाकी भावो में अशुभ परिणाम देता है।

         https://knowtransit.blogspot.com/2021/02/on-april-16-2021-mercury-will-transit.html


                        7.             पंचक नक्षत्र अप्रैल  मास   2021

        प्रारम्भ की तिथि 

समय 

नक्षत्र का नाम 

समाप्ति की तिथि 

समय 

        07-4- 2021

  02:35

  धनिष्ठा

 08-04-2021 

03:33

       08-04-2021      

  03:34

  शतभिषा

09-04-2021

 04:57

       09-04-2021 

 04:58

पूर्वभाद्रपद

   10-04-2021 

06:45

      10 -04-2021 

 06:46

उत्तरभाद्र पद

11-4-2021          

08:57

        11-04-2021

 08:58

  रेवती

 12-04-2021

11:29


                      https://panchaangastro.blogspot.com/2019/07/blog-post_14.html




       8.       गण्ड मूल नक्षत्र अप्रैल  मास   2021

प्रारम्भ की तिथि 

समय 

नक्षत्र का नाम 

समाप्ति की तिथि 

समय 

02 -04 -2021

05:19 

ज्येष्ठा  

03 -04 -2021

03 :43 

03 -04 -2021

03 :44 

 मूला    

04 -04 -2021

02:39

11 -04 -2021

08 :58

     रेवती 

12  -04 -2021

11 :29 

 12 -04 -2021

11 :30

  अश्विनी   

  13 -04 -2021

14 :18

21 -04 -2021

07 :59 

 अश्लेषा  

22 -04 -2021

08 :14 

22 -04 -2021

08 :15 

  मघा

23 -04-2021

07:40 

29-04-2021

14:30

 ज्येष्ठा 

30-04-2021

12:07

           https://panchaangastro.blogspot.com/2019/08/blog-post_6.html

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