1 . 5 जून 2020 को चन्द्र ग्रहण होगा
5 जून 2020 को भारतीय मानक समय 22:54 मिनट पर चन्द्र ग्रहण का आरम्भ होगा। 24 :55 पर मध्य काल और 26:34 पर मोक्षकाल होगा।इस समय चन्द्रमा वृश्चिक राशि मे स्थित हैं और सूर्य वृषभ राशि मे स्थित होंगे। विक्रम संवत 2077 का पहला चन्द्रमा ग्रहण हैं। यह ग्रहण एक उपच्छाया चन्द्र ग्रहण है। चन्द्र ग्रहण पूर्णिमा और दिन शुक्रवार को होह। वास्तव में चन्द्र ग्रहण नही होता हैंऔर इस समय अवधि में चन्द्रमा की चाँदनी में केवल धुंधलापन आ जाता है। यह ग्रहण भारतवर्ष, यूरोप,एशिया,आस्ट्रेलिया,अफ्रीका,दक्षिण-पश्चिम अमरीका यानि पूर्वी ब्राजील,उर्गवे,पूर्वी अर्जनटीन, प्रशान्त तथा हिन्द महासागर आदि क्षेत्रों में दिखलाई देगा।
https://eclipseandastrology.blogspot.com/2020/03/on-june-562020-lunar-eclipse-in-scorpio.html
2. 8 जून 2020 को शुक्र ग्रह वृषभ राशि मे वक्री गति से गोचर करेगे
8 जून 2020 को शुक्र ग्रह वृषभ राशि मे वक्री गति से गोचर करेगे। भारतीय मानक समय 9:31 शुक्र रोहिणी नक्षत्र में स्थित में वृषभ राशि मे प्रवेश करेगे।24 जून 2020 को शुक्र मार्गी हो जाएंगे। इस समय शुक्र इस समय सूर्य के साथ युति करेगे।सूर्य -शुक्र पर शनि -नीच के बृहस्पति की दृष्टि होने के का रण कही -कही पर दक्षिण-पश्चिम भूभाग से प्राकृतिक प्रकोप ,तथा मुस्लिम राष्टों में सत्ता हस्तांतरण हो।शनि-राहु का षडष्टक योग से वायुवेग से खड़ी फसलों को हानि के योग बन रहे हैं।शनि -मंगल दोनों जल राशि मे स्थित होने जलप्रलय से हानि होगी।बीमारियों, अग्निकांड भूकंप से हानि होगी।
https://knowtransit.blogspot.com/2020/02/planet-is-going-to-be-retrograde-on.html
3. 15 जून 2020 को सूर्य मिथुन राशि में गोचर करेंगे
15 जून 2020 को सूर्य भारतीय मानक समय 03:29 पर सूर्य मृगशिरा नक्षत्र में स्थित में मिथुन राशि मे गोचर करेगे। इस समय सूर्य ,बुध और राहु के साथ युति में रहेंगे। जिस के कारण वर्षा-वायु वेग एवं प्राकृतिक प्रतिकूलता से हानि के योग है।शनि अष्टम भाव मे नीच के बृहस्पति के साथ युति कर रहे हैं।कश्मीर,पाक,बलूचिस्तान,तुर्की सीरिया आदि भयंकर अशान्ति बनी रहेगी।उग्रवादी घटनाऐ ,भूकंप,विस्फोट जनता परेशान रहेगी और महंगाई से जनता परेशान रहेगी।
https://knowtransit.blogspot.com/2020/02/on-june-152020-sun-will-transit-in.html
4 18 जून 2020 को मंगल ग्रह मीन राशि गोचर करेंगे
18 जून 2020 को मंगल ग्रह भारतीय मानक समय 14:44 मिनट पर मीन राशि मे गोचर करेगे ।इस समय मंगल ग्रह पूर्वाभद्रापद नक्षत्र के चौथे चरण में स्थित हैं।मीन राशि एक जलीय राशि हैं। शनि की दृष्टि मंगल पर है।मंगल ग्रह -राहु-सूर्य -बुध ग्रह के ऊपर है।शनि-राहु का षडष्टक योग का निर्माण कर रहे हैं। मंगल और शनि दोनों ही जलीय राशि मे है। कई प्रदेशों में जलप्रलय, बाढ़ की स्थिति, दुर्भिक्ष, अग्निकांड, से विनाकारी योग है ।शनि -मंगल की स्थिति के कारण कही स्थानों पर बाढ़,तूफान,सीमा क्षेत्रों में अशान्ति रहेगी।कई स्थानों भूस्खलन और भूकम्प आदि से हानि होगी। र,चीन,और पाकिस्तान से देश की सीमाओं पर कड़े इंतजाम करने बहुत आवश्यक है। बाढ़ की वजह से खड़ी फसलों को हानि और धन हानि होगी।
https://knowtransit.blogspot.com/2020/02/on-june-182020-mars-will-transit-in.html
5 20 जून 2020 बुध ग्रह मिथुन राशि में वक्री गति से गोचर करेंगे
20 जून 2020 बुध ग्रह भारतीय मानक समय 16:27 पर वक्री गति से मिथुन राशि मे गोचर करेगे।इस समय पुनर्वसु नक्षत्र में स्थित हैं। बुध -सूर्य -राहु के साथ युति में होंगे। मंगल ग्रह की दृष्टि सूर्य -बुध-राहु पर है। शनि और मंगल दोनों जलराशि में स्थित हैं। जिसके कारण भारी बारिश होगी और बाढ़ की स्थिति होगी। भूकंप, स्थिति बनेगी। सीमाक्षेत्र में शनि और मंगल की वजह से कश्मीर,चीन और पाकिस्तान समस्या पैदा करेंगे।उसके सरकार को सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था करनी चाहिए। मिथुनराशि,मिथुन लग्न और पुनर्वसु नक्षत्र वाले जातकों को सावधानीपूर्वक रहना चाहिए। गोचर के प्रभाव तभी ही प्रभावित करेगे यदि उनकी बुध की महादशा और अन्तर दशा चल रही होगी।
https://knowtransit.blogspot.com/2020/03/on-june-202020-mercury-will-retrograde.html
6. 21 जून 2020 को सूर्य ग्रहण
21 जून 2020 को आषाढ़ी अमावस्या ,दिन रविवार के दिन विक्रम संवत 2077 का पहला कंकण सूर्य ग्रहण समस्त भारतवर्ष में दिखाई देगा। भारतीय मानक समय 10:22 मिनट पर मिथुन राशि मे आरम्भ होगा। सूर्य का आकार इस ग्रहण में चूड़ी का होगा जोकि चूड़ामणि ग्रहण कहेगे। सूर्य और चन्द्र दोनों ही मृगशिरा नक्षत्र में स्थित है।मृगशिरानक्षत्र से प्रारम्भ होकर आर्द्रा नक्षत्र में पूर्ण होगा।इस ग्रहण का सूतक 20 जून 2020 को रात्रि 10 बजे आरम्भ होगा। रविवार को ग्रहण होने के कारण इस प्रकार प्रभाव पानी के प्रहार से नदी तटों व पानी आदि की टँकी टूटने से बाढ़ के जैसे हालात बन सकते है।पीने के पानी का संकट भी आ सकता है।खेती बाड़ी करने वालो को भारी संख्या में मुसीबतों का सामना करना पड़ता हैं।जंगली प्रदेशों , पहाड़ी इलाकों में कन्धार, कश्मीर ,चीन में भारी संकट आएगा। यह सूर्य ग्रहण इस वर्ष मिथुन राशि मे घटित होने जा रहा है। सूर्य,चन्द्रमा,बुध,राहु ये सभी ग्रह मिथुन राशि मे गोचर कर रहे हैं। शनि और नीच का बृहस्पति मकर राशि मे स्थित हैं और दोनों ही ग्रह वक्री गति से गोचर कर रहे।इस सूर्य ग्रहण का प्रभाव प्रतिष्ठित व्यक्तियों , सैन्य अधिकारियों के ज्यादातर भयानक रूप से रहेगा। कुछ देश जैसे उत्तरकोरिया,अमेरिका में आपसी तालमेल सम्भव नही हैऔर उनको संधर्ष की परिस्थितियों में रहना होगा। चीन, जापान,इंडोनेशिया,पाकिस्तान में विशेष प्रकृतिक प्रकोप आपदाओं के सामना करना पड़ेगा।उसकी कारण जनता परेशान होगी। मिथुन राशि में स्थित ग्रहण मृगशिरा,आर्द्रा नक्षत्र वाले व्यक्तियो को प्रभावित करेगा।सभी अपना ध्यान रखे। ग्रहण का मध्यकाल 12:01 मिनट हैं और समाप्ति काल 13:47 मिनट हैं। राजस्थान -हरियाणा-उत्तराखंड के कुछ राज्यों के उत्तरी भागो में दिखाई देगा। हमारे शास्त्रों में लिखा है कि सूर्य और चन्द्र ग्रहण के कोई भी शुभ कार्य वर्जित होते हैं।6 महीने के तक कोई भी शुभ कर्म वर्जित होते हैं।इनके प्रभाव 6 घण्टे,6 दिन,6 महीने में दिखाई देते हैं। यदि 15 दिनो मे चन्द्र और सूर्य ग्रहण लगे तो वो देश के राजा के हित मे अच्छा नही होता हैं। https://eclipseandastrology.blogspot.com/2020/01/on-june-212020-solar-eclipse-will-be.html
https://knowtransit.blogspot.com/2020/02/on-june-182020-mars-will-transit-in.html
5 20 जून 2020 बुध ग्रह मिथुन राशि में वक्री गति से गोचर करेंगे
20 जून 2020 बुध ग्रह भारतीय मानक समय 16:27 पर वक्री गति से मिथुन राशि मे गोचर करेगे।इस समय पुनर्वसु नक्षत्र में स्थित हैं। बुध -सूर्य -राहु के साथ युति में होंगे। मंगल ग्रह की दृष्टि सूर्य -बुध-राहु पर है। शनि और मंगल दोनों जलराशि में स्थित हैं। जिसके कारण भारी बारिश होगी और बाढ़ की स्थिति होगी। भूकंप, स्थिति बनेगी। सीमाक्षेत्र में शनि और मंगल की वजह से कश्मीर,चीन और पाकिस्तान समस्या पैदा करेंगे।उसके सरकार को सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था करनी चाहिए। मिथुनराशि,मिथुन लग्न और पुनर्वसु नक्षत्र वाले जातकों को सावधानीपूर्वक रहना चाहिए। गोचर के प्रभाव तभी ही प्रभावित करेगे यदि उनकी बुध की महादशा और अन्तर दशा चल रही होगी।
https://knowtransit.blogspot.com/2020/03/on-june-202020-mercury-will-retrograde.html
6. 21 जून 2020 को सूर्य ग्रहण
21 जून 2020 को आषाढ़ी अमावस्या ,दिन रविवार के दिन विक्रम संवत 2077 का पहला कंकण सूर्य ग्रहण समस्त भारतवर्ष में दिखाई देगा। भारतीय मानक समय 10:22 मिनट पर मिथुन राशि मे आरम्भ होगा। सूर्य का आकार इस ग्रहण में चूड़ी का होगा जोकि चूड़ामणि ग्रहण कहेगे। सूर्य और चन्द्र दोनों ही मृगशिरा नक्षत्र में स्थित है।मृगशिरानक्षत्र से प्रारम्भ होकर आर्द्रा नक्षत्र में पूर्ण होगा।इस ग्रहण का सूतक 20 जून 2020 को रात्रि 10 बजे आरम्भ होगा। रविवार को ग्रहण होने के कारण इस प्रकार प्रभाव पानी के प्रहार से नदी तटों व पानी आदि की टँकी टूटने से बाढ़ के जैसे हालात बन सकते है।पीने के पानी का संकट भी आ सकता है।खेती बाड़ी करने वालो को भारी संख्या में मुसीबतों का सामना करना पड़ता हैं।जंगली प्रदेशों , पहाड़ी इलाकों में कन्धार, कश्मीर ,चीन में भारी संकट आएगा। यह सूर्य ग्रहण इस वर्ष मिथुन राशि मे घटित होने जा रहा है। सूर्य,चन्द्रमा,बुध,राहु ये सभी ग्रह मिथुन राशि मे गोचर कर रहे हैं। शनि और नीच का बृहस्पति मकर राशि मे स्थित हैं और दोनों ही ग्रह वक्री गति से गोचर कर रहे।इस सूर्य ग्रहण का प्रभाव प्रतिष्ठित व्यक्तियों , सैन्य अधिकारियों के ज्यादातर भयानक रूप से रहेगा। कुछ देश जैसे उत्तरकोरिया,अमेरिका में आपसी तालमेल सम्भव नही हैऔर उनको संधर्ष की परिस्थितियों में रहना होगा। चीन, जापान,इंडोनेशिया,पाकिस्तान में विशेष प्रकृतिक प्रकोप आपदाओं के सामना करना पड़ेगा।उसकी कारण जनता परेशान होगी। मिथुन राशि में स्थित ग्रहण मृगशिरा,आर्द्रा नक्षत्र वाले व्यक्तियो को प्रभावित करेगा।सभी अपना ध्यान रखे। ग्रहण का मध्यकाल 12:01 मिनट हैं और समाप्ति काल 13:47 मिनट हैं। राजस्थान -हरियाणा-उत्तराखंड के कुछ राज्यों के उत्तरी भागो में दिखाई देगा। हमारे शास्त्रों में लिखा है कि सूर्य और चन्द्र ग्रहण के कोई भी शुभ कार्य वर्जित होते हैं।6 महीने के तक कोई भी शुभ कर्म वर्जित होते हैं।इनके प्रभाव 6 घण्टे,6 दिन,6 महीने में दिखाई देते हैं। यदि 15 दिनो मे चन्द्र और सूर्य ग्रहण लगे तो वो देश के राजा के हित मे अच्छा नही होता हैं। https://eclipseandastrology.blogspot.com/2020/01/on-june-212020-solar-eclipse-will-be.html
7. गण्डमूल नक्षत्र
8. पंचक नक्षत्र
https://panchaangastro.blogspot.com/2019/07/blog-post_14.html
9. 24 जून 2020 को शुक्र ग्रह वृषभ राशि मार्गी होकर गोचर करेंगे
24 जून 2020 को शुक्र ग्रह भारतीय मानक समय 23:43 मिनट पर रोहिणी नक्षत्र में वृषभ राशि मार्गी होकर गोचर करेगे।
शनि की दृष्टि मंगल ग्रह पर हैजोकि सीमाक्षेत्र में भी समस्याओं को लेकर परेशानी कारक है।कश्मीर,चीन और पाकिस्तान में समस्या बढ़ेगी।उसके सरकार को सावधानी बरतने जरूरत है। शनि -राहू का षडष्टक योग के कारण प्राकृतिक आपदाओं,भूकंप,बाढ़ की परिस्थितियों होगी और जिसके कारण कृषि क्षेत्रों में फसलों को खराब होगी। जनधन हानि बड़े पैमाने पर होगी।
10. 29 जून 2020 को बृहस्पति धनु राशि में वक्री गति गोचर करेंगे
29 जून 2020 को बृहस्पति भारतीय मानक समय पर 22:39 मिनट पर धनु राशि मे वक्री गति से गोचर करेगे। इस समय बृहस्पति उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में स्थित है।यह गोचर 145 दिनों तक रहेगा (यानि 20 नवम्बर 2020 ) शनि की मंगल ग्रह पर दृष्टि होने के कारण सीमा क्षेत्रों सुरक्षित करना चाहिए क्योंकि कश्मीर,चीन,और पाकिस्तान समस्या उत्पन्न करेगे।शनि -राहु का षडष्टक योग के कारण प्रकृतिक आपदाओं,भूकम्प,,बाढ़ स्थिति बनेगी जिसके कारण खड़ी फसलों को हानि और परेशानी होगी।जिसके कारण जनता परेशान रहेगी।
बृहस्पति वक्री गति से गोचर करेगे।इस समय बुध और शुक्र भी वक्री है।इस दौरान कही पर भंयकर दुर्भिक्ष की स्थिति से बना सकता हैं।
https://knowtransit.blogspot.com/2020/03/on-june-292020-jupiter-retrograde-will.html
8. पंचक नक्षत्र
https://panchaangastro.blogspot.com/2019/07/blog-post_14.html
9. 24 जून 2020 को शुक्र ग्रह वृषभ राशि मार्गी होकर गोचर करेंगे
24 जून 2020 को शुक्र ग्रह भारतीय मानक समय 23:43 मिनट पर रोहिणी नक्षत्र में वृषभ राशि मार्गी होकर गोचर करेगे।
शनि की दृष्टि मंगल ग्रह पर हैजोकि सीमाक्षेत्र में भी समस्याओं को लेकर परेशानी कारक है।कश्मीर,चीन और पाकिस्तान में समस्या बढ़ेगी।उसके सरकार को सावधानी बरतने जरूरत है। शनि -राहू का षडष्टक योग के कारण प्राकृतिक आपदाओं,भूकंप,बाढ़ की परिस्थितियों होगी और जिसके कारण कृषि क्षेत्रों में फसलों को खराब होगी। जनधन हानि बड़े पैमाने पर होगी।
10. 29 जून 2020 को बृहस्पति धनु राशि में वक्री गति गोचर करेंगे
29 जून 2020 को बृहस्पति भारतीय मानक समय पर 22:39 मिनट पर धनु राशि मे वक्री गति से गोचर करेगे। इस समय बृहस्पति उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में स्थित है।यह गोचर 145 दिनों तक रहेगा (यानि 20 नवम्बर 2020 ) शनि की मंगल ग्रह पर दृष्टि होने के कारण सीमा क्षेत्रों सुरक्षित करना चाहिए क्योंकि कश्मीर,चीन,और पाकिस्तान समस्या उत्पन्न करेगे।शनि -राहु का षडष्टक योग के कारण प्रकृतिक आपदाओं,भूकम्प,,बाढ़ स्थिति बनेगी जिसके कारण खड़ी फसलों को हानि और परेशानी होगी।जिसके कारण जनता परेशान रहेगी।
बृहस्पति वक्री गति से गोचर करेगे।इस समय बुध और शुक्र भी वक्री है।इस दौरान कही पर भंयकर दुर्भिक्ष की स्थिति से बना सकता हैं।
https://knowtransit.blogspot.com/2020/03/on-june-292020-jupiter-retrograde-will.html
No comments:
Post a Comment